शासन की योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही दवाओं का पूरा लाभ आमजन और मरीजों को समय पर मिले, यही प्रशासन की प्राथमिकता- कलेक्टर श्री यादव जिला अस्पताल के स्टोर रूम में मिलीं दवा वितरण में गंभीर अनियमितताएं, दो कर्मचारी विरत अनुपस्थिति पर 21 कर्मचारियों के तीन दिन का वेतन काटने निर्देश 24 घंटे में इंडेंट जारी करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने दिए निर्देश

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने आज जिला अस्पताल के स्टोर रूम का निरीक्षण कर दवाओं की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान दवा वितरण में गंभीर लापरवाही और स्टॉक प्रबंधन में कई विसंगतियां सामने आईं। कलेक्टर ने कहा शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही दवाइयां मरीजों को समय पर और निर्धारित मात्रा में उपलब्ध होना चाहिए, ताकि किसी भी मरीज को दवा बाजार से खरीदने के लिए मजबूर न होना पड़े।
कलेक्टर श्री यादव ने बताया कि पूर्व में विभिन्न शासकीय अस्पतालों के निरीक्षण के दौरान यह सामने आया था कि कई आवश्यक दवाइयां अस्पतालों में उपलब्ध नहीं थीं। संबंधित बीएमओ एवं प्रभारी अधिकारियों द्वारा बताया गया था कि दवाओं के लिए इंडेंट भेजे जा चुके हैं, लेकिन जिला स्तर से दवाइयां जारी नहीं हुई हैं। इसी गैप को समाप्त करने के उद्देश्य से जिला अस्पताल के स्टोर रूम का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण में पाया गया कि वर्ष 2025 में विभिन्न शासकीय अस्पतालों से प्राप्त 16 इंडेंट अब तक जारी नहीं किए गए थे, जबकि जनवरी 2026 से 39 इंडेंट लंबित पाए गए। उन्होने कहा अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध हैं और जिन दवाओं का स्टॉक उपलब्ध नहीं है, उनके लिए संबंधित एजेंसी को मांग पत्र भेजा गया है। दवाएं प्राप्त होते ही उन्हें अस्पतालों को जारी किया जाएगा।
24 घंटे में दवा जारी करने की व्यवस्था
कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि दवा उपलब्ध होने के बावजूद समय पर जारी नहीं किया जाना गंभीर विषय है, जिसके कारण आमजन को बाजार से दवाएं खरीदनी पड़ रही थीं। उन्होंने सीएमएचओ को निर्देश दिए कि इंडेंट प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर दवाएं जारी करना सुनिश्चित किया जाए। यदि कोई दवा उपलब्ध नहीं है तो उसके लिए आवश्यक कार्रवाई करते हुए अगले दिन तक उसकी उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा शासन द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली औषधियों के लिए ई-औषधि पोर्टल लागू है, जिसमें लाइव डिमांड एवं ऑनलाइन इश्यू की व्यवस्था है। इससे किसी भी समय दवाओं के स्टॉक का सत्यापन किया जा सकता है।
स्टॉक सत्यापन में 8 में से 6 मदों में विसंगति
निरीक्षण के दौरान स्टॉक का सत्यापन किया गया, जिसमें 8 में से 6 मदों में विसंगतियां पाई गईं। दवा स्टोर की जिम्मेदारी संभाल रहे दोनों कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें विरत कर दिया गया है।
सीएमएचओ कार्यालय में 21 कर्मचारी अनुपस्थित
कलेक्टर श्री यादव ने सीएमएचओ कार्यालय का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय सुबह 10:20 बजे 21 कर्मचारी समय पर उपस्थित नहीं पाए गए। उन्होने सभी संबंधित कर्मचारियों के तीन दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा शासकीय कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति और कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुशासन की महत्वपूर्ण कड़ी है।
एक्सपायरी दवाइयां और बंद मिले सभी छह फ्रिज
निरीक्षण में एक्सपायरी डेट की दवाइयां भी रखी मिलीं। कलेक्टर ने इसे गंभीर एवं आपत्तिजनक स्थिति बताया। उन्होंने पाया कि जिन दवाओं को निर्धारित तापमान पर फ्रीजर में रखा जाना आवश्यक है, वे फ्रीजर में तो रखी थीं, लेकिन सभी छह फ्रीजर बंद मिले।
कलेक्टर ने कहा कि यदि फ्रीजर खराब थे तो उन्हें समय पर सुधरवाया जाना चाहिए था और यदि सुधार योग्य नहीं थे तो उन्हें बदला जाना चाहिए था। निर्धारित तापमान में रखी जाने वाली दवाओं का इस प्रकार भंडारण मरीजों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।
दवा स्टोर को व्यवस्थित करने के निर्देश
कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि दवाओं को इस प्रकार व्यवस्थित रखा जाना चाहिए कि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल खोजकर अस्पतालों को जारी किया जा सके। निरीक्षण के दौरान कई दवाएं निर्धारित स्थान पर व्यवस्थित नहीं मिलीं और स्टोर कर्मचारियों को दवाओं की तलाश करनी पड़ रही थी।
उन्होने सीएमएचओ को निर्देशित किया कि एक टीम गठित कर पूरे दवा स्टोर को व्यवस्थित कराया जाए, एक्सपायरी दवाओं को अलग किया जाए, फ्रीजर एवं तापमान व्यवस्था दुरुस्त कराई जाए तथा इंडेंट प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर दवा जारी करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा शासन की योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही दवाओं का पूरा लाभ आमजन और मरीजों को समय पर मिले, यही प्रशासन की प्राथमिकता है। सुशासन स्थापित करने के लिए इस प्रकार की व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी और जवाबदेही तय की जाएगी।



