समय पर विशेषज्ञ जॉच और सीएचओ की सजगता से मिली सुरक्षित मातृत्व सेवा
ख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. के अठया ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तेन्दूखेड़ा में 09 मई को आयोजित विशेष क्लीनिक में एक विशेष प्रेरणादायी मामला सामने आया, जहां समय पर विशेषज्ञ जांच, सतत् निगरानी एवं मैदानी स्वास्थ्य दल की सजगता से करीब साढे़ 6 माह की गर्भवती वतीबाई गौंड-तुलसी गौंड को आवश्यक विशेषज्ञ उपचार एवं सुरक्षित मातृत्व देखभाल सेवा दी गई।
चंदना ग्राम की 25 वर्षीय गर्भवती वतीबाई गौंड एंजायटी, भूख न लगना एवं चक्कर आना की समस्या लेकर क्लीनिक पहुची। विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा गर्भवती की सीबीसी एवं सिकल सेल जांच कराने पर महिला सिकल सेल पॉजिटिव एवं हिमोग्लोबिन स्तर 7.9 ग्राम/डी.एल. पाये जाने पर चिकित्सक द्वारा रक्त चढ़ाने की सलाह दी गई।
गर्भवती की मदद को आगे आई, बम्हौरी सीएचओ
इस दौरान मौके पर मौजूद बम्हौरी क्षेत्र की सीएचओ चंदा लोधी ने रक्तदान कर मानवता एवं सेवाभाव की मिसाल बनी। क्लीनिक दौरान ही चिकित्सकीय देखरेख में सुरक्षित रूप से रक्त चढ़ाने की प्रक्रिया पूर्ण की गई।
सीएचओ की निगरानी से समय रहते पहुची
पीएमएसएमए क्लीनिक
चिकित्सक द्वारा पूर्व जॉच एवं मेडिकल इतिहास में यह भी पाया गया कि गर्भवती प्रारंभ से ही मॉडरेट एनीमिक थी। आयुष्मान आरोग्य मंदिर चंदना की सीएचओ रजनी ने पूर्व में नियमित प्रसव-पूर्व जॉच के दौरान एच.बी.स्तर कम पाये जाने पर आयरन सुक्रोज के तीन डोज लगाए गए थे। इसके बाद भी एनीमिया की समस्या बने रहने पर गर्भवती को विशेषज्ञ जॉच हेतु पीएमएसएमए क्लीनिक में उपस्थित होने की सलाह दी गई तथा यह भी सुनिश्चित किया गया कि हितग्राही निर्धारित दिवस पर क्लीनिक पहुचे।
स्वास्थ्य अमले की संवेदनशील कार्यप्रणाली से गर्भवती को सुरक्षित रूप से रक्त चढ़ाने की प्रक्रिया पूर्ण की गई एवं समुचित विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध हो सका, जो प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की प्रभावी कार्यप्रणाली एवं मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति स्वास्थ्य विभाग की प्रतिबद्वता को दर्शाता है।


