दृष्टि का उपहार मानवता का आधार
नेत्रदान किसी दृष्टि बाधित व्यक्ति के जीवन में नई रोशनी और नई उम्मीद का माध्यम बन सकता है। आइए नेत्रदान के प्रति लोगों को प्रेरित कर कार्नियल ब्लाइण्डनेस से पीडित लोगों को नई रोशनी देने में सहयोग करें। यह बात हटा सीबीएमओ डॉ. यूएस पटेल ने राष्ट्रीय नेत्रदान जागरूकता पखवाडा के तहत सिविल अस्पताल हटा में नेत्रदान जागरूकता कार्यक्रम में व्यक्त किये। इस दौरान अस्पताल में मौजूद हितग्राहियों के परिजनों को नेत्रदान से जुडी सभी महत्वपूर्ण जानकारियों से संबंधित पंपलेट वितरण कर नेत्रदान के संबंध में उपयोगी जानकारी साझा की गई। इस मौके पर नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मयंक प्यासी विशेष रूप से मौजूद रहे।
डॉ प्यासी ने बताया कि मानव सेवा के तहत यदि व्यक्ति मृत्यु उपरांत अपनी आंख का दान करते हैं, तो वह किसी अन्य व्यक्ति की जिंदगी में रोशनी लाने का महान कार्य करते है। नेत्रदान से दो लोगों को रोशनी मिल सकती है, मृत्यु के 6 घंटे के अंदर नेत्र दान आवश्यक होता है, नेत्रदान सरल, महान और मानवता की सर्वोच्च सेवा है।


