इंटर-कनेक्टिविटी सड़को से गांवों के बीच दूरी कम होगी, आवागमन सुगम होगा और आमजन को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी- राज्यमंत्री लखन पटेल फोर-लेन, रिंग रोड और फ्लाईओवर से बदलेगा यातायात का स्वरूप जबलपुर–दमोह–ओरछा मार्ग को फोर-लेन करने का प्रस्ताव, दमोह बायपास को रिंग रोड में बदलने की योजना पथरिया में नवीन विश्राम गृह का भूमिपूजन, 1.99 करोड़ की लागत से करीब 6-8 माह में बनकर तैयार होगा विश्राम गृह
भूमिपूजन, 1.99 करोड़ की लागत

दमोह: 21 जनवरी 2026
यह दिन अत्यंत प्रसन्नता और संतोष का है। नवीन विश्राम गृह के निर्माण हेतु ₹1 करोड़ 99 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई है, जो आगामी 6 से 8 महीनों में बनकर तैयार होगा। यह विश्राम गृह एक अत्यंत उपयुक्त एवं सुविधाजनक स्थान पर निर्मित किया जा रहा है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से 10 से 12 नई सड़कों की स्वीकृति के लिए आग्रह किया है, जिस पर मुख्यमंत्री जी ने सकारात्मक आश्वासन दिया है। आगामी बजट में अधिक से अधिक सड़कें स्वीकृत होंगी, जिससे विधानसभा क्षेत्र में इंटर-कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इस आशय के विचार पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार लखन पटेल ने पथरिया में नवीन विश्राम गृह के भूमिपूजन के दौरान व्यक्त किये।
राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा आज क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सड़कों के भूमि पूजन हैं, जिनमें छैघरा से क्रिन्द्राहो, कनारी से भैंसा, मैलवारा से सूखा तथा सूखा से बिलानी मार्ग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये प्रमुख राजमार्ग नहीं बल्कि इंटर-कनेक्टिविटी सड़के हैं, जिनसे गांवों के बीच दूरी कम होगी, आवागमन सुगम होगा और आमजन को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी। शेष बची सड़कों का कार्य भी आने वाले समय में पूर्ण किया जाएगा।
राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा जबलपुर से दमोह, दमोह से ओरछा तथा ओरछा से वाया टीकमगढ़ मार्ग अभी तक फोर-लेन नहीं था। इसको लेकर उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जी से आग्रह किया कि जब अन्य स्थानों पर फोर-लेन सड़कों का निर्माण हो रहा है तो यह मार्ग टू-लेन क्यों रहे। राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा दमोह के बायपास को रिंग रोड में परिवर्तित करने का भी आग्रह किया गया है, जिसका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। यह रिंग रोड परियोजना लगभग 200 से 250 करोड़ रुपये की होगी। इसके निर्माण से शहर के भीतर यातायात का दबाव कम होगा और वाहनों को दमोह शहर में प्रवेश किए बिना ही बाहर से बाहर आवागमन की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित रिंग रोड से बटियागढ़, हटा, बांदकपुर, जबलपुर और सागर की सड़कों को जोड़ा जाएगा, जिससे चारों दिशाओं में सुगम और तेज यातायात संभव होगा।
राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा पथरिया में क्षेत्र का पहला रिंग रोड बन रहा है, जिसकी लागत ₹195 करोड़ है और इसे मंजूरी भी मिल चुकी है। इस परियोजना के अंतर्गत एसएफसी (स्टेट फाइनेंस कॉर्पोरेशन) के माध्यम से दो फ्लाईओवर ब्रिज भी बनाए जाएंगे। दोनों फ्लाईओवर की लागत लगभग ₹75 करोड़ होगी, जबकि शेष ₹120 करोड़ से चारों तरफ की सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा कि उनका लक्ष्य क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योग स्थापित करना है, विशेष रूप से एथेनॉल प्लांट्स। उन्होंने कहा नई तकनीक के माध्यम से अब एथेनॉल केवल मक्का के दानों से नहीं, बल्कि धान-गेहूं के अवशेष, भूसा और कृषि कचरे से भी तैयार किया जा सकता है। इससे किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा और पराली जलाने जैसी समस्याओं से भी निजात मिलेगी।
उन्होंने कहा मुंबई की एक कंपनी ने उनसे संपर्क किया है, जो सरकारी सहयोग से एथेनॉल प्लांट स्थापित करना चाहती है। सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि यदि कंपनी स्थानीय स्तर पर प्लांट स्थापित करेगी, तो उसे हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने इसे किसानों और क्षेत्र के लिए भविष्य में एक बड़ी उपलब्धि बताया।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, पंचायत प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक तथा सम्मानीय मीडियाजन और अधिकारी- कर्मचारी मौजूद रहे।


