क्षुल्लिका श्री सुचेतन मति माताजी पंचतत्व में विलीन
दमोह। प्रकृतआचार्य सुनील सागर जी महाराज के आशीर्वाद एवं उनके परम शिष्य मुनि श्री श्रुतेश सागर जी एवं मुनि श्री सुश्रुत सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में नव दीक्षित छूलिका श्री सुचेतन मति माताजी के सल्लेखनापूर्ण समाधिमरण के पश्चात सिविल वार्ड वृती आश्रम से गौशाला तक ड़ोला ले जाया गया जहां पर गौशाला में दाह संस्कार की क्रिया विधि पूर्वक संपन्न हुई। आचार्य विद्यासागर वृती आश्रम के मीडिया प्रभारी सुनील वेजीटेरियन ने बताया कि माताजी की सल्लेखना मुनि श्री के निर्देशन में अनेक दिनों से चल रही थी उनके परिवार की सहमति बनने के पश्चात चार-पांच दिन पूर्व वृत्ती आश्रम में आयोजित एक कार्यक्रम में उनको छुलीका की दीक्षा प्रदान की गई थी जिसमें परिजनों के द्वारा उन्हें पिछिका के साथ पीतल का कमंडल एवं वस्त्र भेंट किए गए थे वे दिन में मात्र एक ही बार जल ग्रहण कर रही थी बहुत समता पूर्वक धर्म ध्यान सुनते हुए 1ः 30 बजे रात्रि में उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली प्रातः काल 7रू00 बजे डोला तैयार किया गया जिसमें उनके पार्थिव शरीर को विराजमान करके गौशाला तक ले जाया गया जहां ब्रह्मचारी अजय भैया जी के निर्देशन में अंतिम संस्कार की क्रियाएं विधि विधान से संपन्न हुई इस मौके पर अपनी भावांजलि अर्पित करते हुए ब्रह्मचारी अजय भैया जी ने कहा कि जो भी जीव समाधि पूर्वक मरण करता है वह नियम से स्वर्ग को प्राप्त करता है यह अत्यंत सौभाग्य की बात है की माताजी ने अंतिम समय में दीक्षा ग्रहण करके समाधि की भावना की यह बहुत कम व्यक्तियों को होती है समाधि मरण तो जीवन का कलशरोहन है जैन पंचायत अध्यक्ष सुधीर सिंघई ने कहा कि मुनियों के मंगल सानिध्य में समाधि पूर्वक मरण सौभाग्य की बात है समाज समक्ष उन्होंने यह एक आदर्श स्थापित किया है श्रावक कल्याण समिति के महामंत्री सुनील वेजीटेरियन ने कहा की चिता जलने के पहले अपनी चेतना को जगा लेना जीवन की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है इस मौके पर भाई जी मंदिर अध्यक्ष पवन जैन व्रति आश्रम के अध्यक्ष रूपचंद जैन औषधालय, कमेटी महामंत्री सोनू नेता जैन मिलन अध्यक्ष मुकेश मामा, गौशाला मंत्री सौरभ लहरी, विनय विनम्र चंदकुमार जैन, सतीश मोदी, सतीश बाबा पार्षद, दिनेश दीक्षा ,मनीष महेंद्र करुणा एवं उनकी लौकिक जीवन की बेटी श्रीमती आशा राजकुमार जैन कटंगी उनके बेटे मिट्ठू लाल, अनिल जैन, ऋषभ जैन एवं संतोष भंडार परिवार सदस्य आदि की विशेष उपस्थिति रही।



