बंदियों को भोजन, स्वास्थ्य और विधिक सहायता समय पर मिले, मानकों से कम सुविधा मिलने पर होगी कार्रवाई – कलेक्टर श्री यादव जिला जेल का कलेक्टर श्री यादव ने किया आकस्मिक निरीक्षण, बंदियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के दिए निर्देश

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव आज औचक रूप से जिला जेल दमोह पहॅुचे। उन्होने यहॉ पहॅुचकर बंदियो से चर्चा की और मूलभूत सुविधाओं के संबंध में चर्चा कर वस्तुस्थिती जानी। परोसे गये भोजन के संबंध बंदियो से बातचीत की ओर मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं आदि के बारे में जाना। उन्होने बंदियो से जाना कोई समस्या तो नही है, यदि है तो बतायें।
कलेक्टर श्री यादव ने जिला जेल का निरीक्षण कर बंदियों को शासन द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बंदी के संवैधानिक एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। बंदियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन, आवास, साबुन-तेल, स्वास्थ्य सुविधाएं तथा आवश्यकतानुसार विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि किसी कारणवश जेल में आए बंदी भी समाज का हिस्सा हैं और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। शासन द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराना प्रशासन का दायित्व है।
निरीक्षण में पाया गया कि निर्धारित मेन्यू के अनुसार अरहर की दाल के स्थान पर चने की दाल परोसी गई थी। साथ ही खाद्यान्न वितरण के स्टॉक रजिस्टर का भी परीक्षण किया गया। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि स्टॉक रजिस्टर में निर्धारित मात्रा और वास्तविक वितरण में अंतर पाया गया तो संबंधित प्रभारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने बंदियों से कहा कि यदि उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानी, विधिक सहायता की आवश्यकता अथवा शासन द्वारा निर्धारित सुविधाओं के संबंध में कोई शिकायत हो तो तत्काल जेल प्रशासन को अवगत कराएं, ताकि समय पर समाधान किया जा सके।
उन्होंने बंदियों को आपसी सौहार्द बनाए रखने, भविष्य में कानून का पालन करने तथा समाज की मुख्यधारा से पुनः जुड़ने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन बंदियों के पुनर्वास एवं सकारात्मक वातावरण निर्माण के लिए लगातार प्रयासरत है तथा समय-समय पर उन्हें आवश्यक परामर्श एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।


