विधि के समक्ष सभी एक समान – न्यायिक मजिस्ट्रेट रामकुमार उच्च. माध्य. विद्यालय दमोह में विधिक साक्षरता कार्यक्रम संपन्न

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के तत्वाधान में एवं म.प्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रिंसिपल जिला न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुभाष सोलंकी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उषाकांता कृषाण के मार्गदर्शन में रामकुमार उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दमोह में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। उक्त शिविर में न्यायिक मजिस्ट्रेट उत्कर्ष दिवाकर, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्रीरजनीश चौरसिया, दिनेश कुमार असाटी, शिक्षक विजय सिंह सोलंकी के साथ अन्य शिक्षकगण एवं छात्र उपस्थित रहे। उक्त आयोजित शिविर में न्यायिक मजिस्ट्रेट उत्कर्ष दिवाकर ने छात्रों को संविधान में वर्णित मूल अधिकार एवं कर्त्तव्यों की विस्तृत जानकारी देते हुये विधि के समक्ष समता एवं विधि का समान संरक्षण, जातिगत भेद, शिक्षा का अधिकार एवं अन्य स्वतंत्रता के संबंध में बताया गया कि सभी वर्ग के व्यक्ति विधि के समक्ष समान होते है जैसे एक निर्धन व्यक्ति एवं एक सम्पन्न व्यक्ति दोनों के द्वारा कोई अपराध किया जाता है तो विधि में दोनों वर्गों के व्यक्तियों के प्रकरण मे न्यायालय द्वारा एक समान दण्ड से दंडित किया जाता है। इसके साथ ही आपने संविधान के अनुच्छेद 51 ए में नागरिकों के कर्त्तव्यों का उल्लेख किया गया है जिसका पालन हर नागरिक को करना चाहिये, साथ ही पाक्सो अधिनियम तथा इंटरनेट के सदुपयोग संबंधी जानकारी दी। जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया ने बच्चों को निःशुल्क विधिक सहायता, पीडित प्रतिकर, पाक्सो अधिनियम, किशोर न्याय बोर्ड, मोटरयान के सबंध मे जानकारी दी।


