स्थाई कर्मचारियों के हक में गरजे अध्यक्ष बबलू ठाकुर, प्रशासन में मचा हड़कंप

दमोह। जिले में कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर एक बार फिर बड़ा मुद्दा गरमा गया है। म.प्र. स्थाई कर्मचारी कल्याण संघ के जिला अध्यक्ष बबलू ठाकुर ने कर्मचारियों के साथ हो रहे कथित अन्याय के खिलाफ मोर्चा संभाल लिया है। उनके इस तेवर के बाद विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जल संसाधन विभाग में कार्यरत स्थाई कर्मचारियों से शासकीय कार्यों के बजाय निजी कार्य कराए जाने और जबरन ड्यूटी लगाने का मामला सामने आया है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर संघ ने सीधे मुख्य अभियंता को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। अध्यक्ष बबलू ठाकुर ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि कर्मचारियों से नियमों के विरुद्ध कार्य कराना न केवल सेवा नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह मानवाधिकारों का भी हनन है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगा। मुख्य आरोप क्या हैं? कर्मचारियों से निजी कार्य कराए जा रहे हैं नियमों के विपरीत ड्यूटी लगाई जा रही है प्रशासनिक दबाव बनाकर अधिकारों का हनन संघ द्वारा इस मामले की शिकायत उच्च स्तर पर भी भेजी गई है, जिसमें मानव अधिकार आयोग और संभागीय अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। बड़ा सवालः क्या कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा होगी या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? अब देखना होगा कि प्रशासन इस मुद्दे पर क्या कदम उठाता है, लेकिन फिलहाल कर्मचारियों के समर्थन में अध्यक्ष के इस आक्रामक रुख ने पूरे जिले में हलचल जरूर पैदा कर दी है।


