राजनीतिक शक्ति से ही संभव है जनकल्याण- राज्यमंत्री श्री पटेल पथरिया विधानसभा में शत्- प्रतिशत सिंचाई का लक्ष्य ग्राम जोरतला एवं बेलखेड़ी में सीसी रोड निर्माण का भूमिपूजन साथ ही पथरिया स्थित खेर माता मंदिर में नवनिर्मित टीन शेड का लोकार्पण कर ग्रामीणों को दी सुविधाओं की सौगात

मेरे जीवन में जो भी उपलब्धियाँ मिली हैं, वे खेरमाता माँ के आशीर्वाद का परिणाम हैं। जब विधायक नहीं थे, तब भी क्षेत्र के विकास और जनसेवा के लिए निरंतर सोचते रहते थे। अपने बैंकिंग कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भी लोगों की मदद करने की इच्छा थी, लेकिन व्यापक स्तर पर जनकल्याण के लिए राजनीतिक मंच आवश्यक है, बिना राजनीतिक शक्ति के जनता की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाना संभव नहीं है, इस आशय के विचार प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के राज्यमंत्री लखन पटेल ने पथरिया स्थित खेर माता मंदिर में नवनिर्मित टीन शेड के लोकार्पण के दौरान व्यक्त किये।
राज्यमंत्री लखन पटेल ने ग्राम जोरतला एवं बेलखेड़ी में सीसी रोड निर्माण का भूमिपूजन किया। उन्होने कहा कि आने वाले समय में पथरिया विधानसभा का हर गाँव पूर्ण रूप से सिंचित होगा, चार प्रमुख सिंचाई परियोजनाएँ पहले ही पूर्ण हो चुकी हैं और शेष कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। फतेहपुर सेक्टर के 24 गाँवों को केन-बेतवा लिंक परियोजना से जोड़ने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जिससे क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा।
उन्होने कहा 23 गाँवों की 18,501 हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दुनयधाम योजना की घोषणा की गई है। इस योजना का प्रस्ताव तैयार होकर आगे बढ़ चुका है, जिससे क्षेत्र में कृषि विकास को नई दिशा मिलेगी। राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा कि वे क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का हर संभव प्रयास करेंगे।
इस अवसर पर पूर्व जनपद अध्यक्ष अशोक पटेल, नगर परिषद अध्यक्ष सुंदर लाल विश्वकर्मा, मंगल कुशवाहा, पूर्व जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अध्यक्ष राजेन्द्र गुरू, सुखई दाउ सहित जनपद अध्यक्ष खिलान अहिरवार, योगेश चौधरी, संदीप चौरसिया, नरेन्द्र सराफ, देवेन्द्र बाकड़ा, प्रीतम पटेल सहित बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।
इस दौरान राज्यमंत्री श्री पटेल नें मंदिर में पूजन अर्चन कर क्षेत्र और प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की और कन्या भोज में कन्याओं को भोजन परोसा साथ भोजन प्रसादी ग्रहण किया।


