दमोह में खुलेगा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का उप मण्डल कार्यालय नवसृजित दमोह उपमंडल का उद्घाटन 12 मार्च को
दमोह में खुलेगा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का उप मण्डल कार्यालय नवसृजित दमोह उपमंडल का उद्घाटन 12 मार्च को
दमोह : भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, जबलपुर मण्डल के अंतर्गत मध्य प्रदेश के 26 जिलों में स्थित राष्ट्रीय महत्व के केंद्रीय संरक्षित 108 स्मारकों का रख-रखाव एवं सरक्षण संवर्धन का कार्य जबलपुर, रीवा, सागर, खजुराहों उप-मण्डलों द्वारा किया जाता है। पिछले कुछ समय से यह आवश्यकता महसूस की जा रही थी कि दमोह जिले में स्थित राष्ट्रीय महत्व के केंद्रीय सरक्षित स्मारकों यथा शिव मंदिर नोहटा, जटाशंकर फोर्ट हटा, शिव मंदिर सकोर, शिव मंदिर बरी कनोरा सहित 14 स्मारकों की बेहतर देख-रेख के लिए दमोह में एक उप-मंडल कार्यालय स्थापित किए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी अभी तक दमोह जिले के स्मारक सागर उप-मण्डल के अधीन थे। इस संदर्भ में महानिदेशक, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, नई दिल्ली द्वारा दमोह में उप-मंडल कार्यालय के स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गई एवं कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर द्वारा उक्त संदर्भ में दमोह उप-मण्डल कार्यालय के लिए भवन प्राचीन गिरजाघर उपलब्ध कराया गया जिसका जीर्णोद्धार का कार्य भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, जबलपुर मण्डल द्वारा कर दमोह उप-मण्डल कार्यालय की स्थापना की जा रही है।नवसृजित दमोह उपमंडल का उद्घाटन 12 मार्च गुरुवार को अपराह्न 12:30 बजे प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम विभाग मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के मुख्य आतिथ्य एवं संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी, पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, सांसद दमोह राहुल सिंह लोधी, विधायक दमोह जयंत मलैया, विधायक हटा उमा देवी खटीक तथा अध्यक्ष जिला पंचायत रंजीता गौरव पटेल के विशिष्ट आतिथ्य तथा जिला प्रशासनिक अधिकारियों एवं अन्य गणमान्य नागरिकों की गरिमामय उपस्थिति में होगा।
इस कार्यालय के खुलने से दमोह जिले में स्थित सभी 14 केंद्रीय संरक्षित स्मारकों के देख-रेख एवं संरक्षण का कार्य हो सकेगा एवं स्थानीय स्तर पर जिले में पुरातात्विक शोध कार्य की गतिविधियों भी प्रारम्भ होगी जिसका लाभ यहाँ स्थित विधार्थियों, शोधकर्ताओं एवं जन-सामन्य को भी होगा।



