‘जल गंगा संवर्धन’ अभियान इन ऐतिहासिक जलस्रोतों के संरक्षण, मरम्मत एवं गहरीकरण की आवश्यकता है, ताकि वर्षा जल का बेहतर संचयन किया जा सके और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल उपलब्धता सुनिश्चित हो- कलेक्टर श्री यादव प्राचीन बाघा तालाब के संरक्षण एवं गहरीकरण हेतु कलेक्टर श्री यादव ने ग्राम वासियों के साथ किया श्रमदान

ग्राम पाठादो क्षेत्र में आयोजित रात्रि चौपाल एवं रात्रि विश्राम कार्यक्रम के पश्चात सुबह प्रशासनिक अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने मिलकर ‘जल गंगा संवर्धन’ अभियान के अंतर्गत प्राचीन बाघा तालाब में श्रमदान कर संरक्षण कार्य प्रारंभ किया। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जनभागीदारी के माध्यम से जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील की।
कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि बाघा तालाब क्षेत्र के प्राचीन जलस्रोत हैं, जिनकी संरचना को देखकर प्रतीत होता है कि इनका निर्माण चंदेल वंश के समय हुआ होगा। वर्तमान में संरक्षण एवं नियमित देख-रेख के अभाव में तालाब कई स्थानों से क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, जिससे जल का रिसाव एवं बहाव हो रहा है।
उन्होंने कहा कि इन ऐतिहासिक जलस्रोतों के संरक्षण, मरम्मत एवं गहरीकरण की आवश्यकता है, ताकि वर्षाजल का बेहतर संचयन किया जा सके और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल उपलब्धता सुनिश्चित हो। प्रशासन द्वारा जनसहयोग से तालाब संरक्षण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
कलेक्टर श्री यादव ने सभी युवाओं, ग्रामीणों एवं सामाजिक संगठनों से ‘जल गंगा संवर्धन’ अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि “जल ही जीवन है और जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है।”
इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे, एसडीम छोटे गिरी गोस्वामी, सीईओ जनपद मनीष बागरी, तहसीलदार डॉ. विवेक व्यास ग्राम के युवा, बुजुर्ग और आसपास के गांव के भी लोग मौजूद रहे।

