क्षीरधारा ग्राम योजना के प्रथम चरण में जिले के 65 ग्राम चयनित जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ाना तथा पशुपालकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना पहली प्राथमिकता- कलेक्टर प्रताप नारायण यादव दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर रहेगा विशेष फोकस
जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ाना तथा पशुपालकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना पहली प्राथमिकता है। इसके क्रियान्वयन के लिए सभी प्राथमिकता के साथ कार्य करें। उक्त निर्देश कलेक्टर प्रताप नारायण ने दिए। जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से संचालित “क्षीर धारा ग्राम योजना” के अंतर्गत जिले के 65 ग्रामों का चयन किया गया है। मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार इस योजना के माध्यम से चयनित ग्रामों को विकसित कर “क्षीर धारा ग्राम” के रूप में स्थापित किया गया है।
कलेक्टर श्री यादव ने बताया कि क्षीर धारा ग्राम योजना के तहत जिले के 65 चयनित ग्रामों में पशुओं की नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना, संतुलित पशु आहार एवं पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही पशुपालकों को आधुनिक दुग्ध उत्पादन तकनीकों से अवगत कराते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे दूध उत्पादन में वृद्धि हो सके। योजना का मुख्य उद्देश्य ग्राम स्तर पर दुग्ध उत्पादन बढ़ाना तथा पशुपालकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित किया जाएगा।
उन्होने बताया, योजना के अंतर्गत जिले के सभी 65 ग्रामों को चरणबद्ध तरीके से आगामी 3 वर्षों में “क्षीर धारा ग्राम” के रूप में विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उपलब्धि के आधार पर ग्रामों का वर्गीकरण किया जाएगा, जिसमें 70 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि वाले ग्रामों को प्रथम श्रेणी, 50 से 70 प्रतिशत उपलब्धि वाले ग्रामों को द्वितीय श्रेणी तथा 50 प्रतिशत से कम उपलब्धि वाले ग्रामों को तृतीय श्रेणी में रखा जाएगा।
कलेक्टर श्री यादव ने बताया, प्रथम वर्ष की कार्य योजना में चयनित ग्रामों में पशुओं का उच्च नस्ल से गर्भधारण, शत-प्रतिशत टीकाकरण एवं ट्रैगिंग का लक्ष्य सुनिश्चित किया गया है। उच्च नस्ल से गर्भधारण के लक्ष्य हेतु सांडो का बधियाकरण, बॉझ निवारण शिविरों का आयोजन किया जाए। हरे चारे के उत्पादन के लिए किसानों को प्रेरित किया जाएगा। साथ ही चारा बीज की मिनीकिट भी वितरित की जाएगी।
उन्होने बताया, पशुपालन विभाग द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। इस योजना से जिले में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होने के साथ ही पशुपालकों की आय में सुधार होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।साथ ही राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन क्रियान्वयन एवं निगरानी समिति की बैठक संपन्न हुई। राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन के अंतर्गत भारत पशुधन पोर्टल की स्थापना की गई है। जिसके तहत पशुधन आंकड़ों के प्रबंधन हेतु एकीकृत, पारदर्शी एवं जवाबदेही डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
NDLM के अंतर्गत भारत पशुधन पोर्टल, पशु पहचान, टीकाकरण, पशु प्रजनन और स्वास्थ्य सेवाओं की डिलीवरी और निगरानी, पशु उत्पाद और पशुधन से संबंधित अन्य मुख्य गतिविधियों के लिए एक प्लेटफार्म के रूप में काम करेगा। योजना के क्रियान्वन हेतु जिला एवं विकासखंड स्तर पर समितियां का गठन किया गया है। गठित समिति के द्वारा प्रत्येक माह में न्यूनतम एक बार आवश्यक रूप से बैठक आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन के माध्यम से पशुधन एवं पशुपालकों के रिकॉर्ड की शुद्धता सुनिश्चित की जाएगी। पशुधन के जन्म, मृत्यु, स्थानांतरण आदि अद्यतन होगा एवं पशु रोगों की सूचना पोर्टल पर दर्ज होगी ।



