आज का फैसला ,कल की सुरक्षा एच.पी.व्ही वैक्सीन लगवाऍ,सुरक्षित रहें
आज का फैसला ,कल की सुरक्षा एच.पी.व्ही वैक्सीन लगवाऍ,सुरक्षित रहें

दमोह : जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा किशोरियों को एच.पी.व्ही टीकाकरण के लिए जागरूक करने एवं टीकाकरण के लिए प्रेरित करने का काम निरंतर किया जा रहा है। कार्यकर्ता घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें इस टीके के महत्व के बारे में जानकारी दे रहे हैं।इसके बावजूद अभिभावकों के मन में एच.पी.व्ही टीकाकरण को लेकर विभिन्न प्रकार की जिज्ञासाऍ एवं भ्रांतियॉ सामने आ रही हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आर के अठया ने इस संबंध में तथ्यपरक जानकारी देते हुए आमजन से आग्रह किया है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर निर्णय लें, अपनी बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के लिए नजदीकी स्वास्थ्य संस्था में एच.पी.व्ही टीकाकरण अवश्य कराऍ।एच.पी.व्ही टीकाकरण क्यों जरूरी हैडॉ. आर के अठया ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला एक गंभीर रोग है, जिसका मुख्य कारण एच.पी.व्ही. संक्रमण है। समय पर एच.पी.व्ही. टीकाकरण से इस कैंसर से बचाव होता है। यह टीका किशोरावस्था में सबसे अधिक प्रभावी होता है। 14 से 15 वर्ष की आयु में इसका प्रभाव सबसे अधिक देखा जाता है। एच.पी.व्ही टीका महज एक इंजेक्शन नहीं, बल्कि जीवन भर की सुरक्षा है। सरकार ने एच.पी.व्ही. वैक्सीन को देने की मुहिम शुरू की है।भ्रांतियॉ बनाम सच्चाईभ्रांति–यह टीका किशोरियों को ही क्यों दिया जा रहा हैसच्चाई- इस उम्र में शरीर की इम्यूनिटी मजबूत होती है। जिससे टीके का प्रभाव लंबे समय तक रहता है। 14 से 15 वर्ष की आयु में यह टीका सबसे अधिक प्रभावी होता है। यह टीका संक्रमण से पहले ही शरीर को सुरक्षा प्रदान करता है। टीका पूरी तरह सुरक्षित प्रभावी है। जिला चिकित्सालय सहित सभी सामुदायिक केन्द्रों में निःशुल्क लगाया जा रहा है।भ्रांति–एच.पी.व्ही टीकाकरण से बांझपन या पी.सी.ओ.एस. होता है।सच्चाई – यह वैक्सीन महिलाओं की प्रजनन क्षमता को प्रभावित नहीं करती। अब तक किये गये अनेक वैज्ञानिक परीक्षणों में एच.पी.व्ही, वैक्सीन और बांझपन या पी.सी.ओ.एस. के बीच कोई संबंध नहीं पाया गया।भ्रांति–एच.पी.व्ही. टीकाकरण जबरन किया जा रहा है।सच्चाई -एच.पी.व्ही. टीकाकरण पूरी तरह स्वैच्छिक है। अभिभावकों की सहमति के बाद ही टीका लगाया जाता है।भ्रांति–वैक्सीन अभी ट्रायल स्टेज में है।सच्चाई -एच.पी.व्ही. वैक्सीन कई वर्षों की शोध और परीक्षणों के बाद स्वीकृत की गई है। और विश्व भर में सुरक्षित रूप से उपयोग में लाई जा रही है।
भ्रांति–मुफ्त वैक्सीन की गुणवत्ता कम होती है।
सच्चाई -सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जा रही सभी वैक्सीन उच्च गुणवत्ता एवं सुरक्षित होती है। पोलियो, खसरा, रूबेला की तरह एच.पी.व्ही वैक्सीन भी पूर्णतः विश्वसनीय है। सहित कई बीमारियों से बचाव हेतु टीकाकरण भी निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है।


