वल्नेरेबिल्टी मेपिंग से वंचित परिवारों को मिल पायेगा योजनाओं का लाभ – कलेक्टर श्री कोचर जिला स्तरीय कोर समिति की कार्यशाला सम्पन्न

किशोर न्याय समिति उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा जिला स्तरीय कोर समिति की कार्यशाला कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर की मौजूदगी में एक निजी होटल में संपन्न हुई।
कार्यशाला में कलेक्टर सुधीर कोचर ने कहा यह कार्य उनके लिए सर्वोपरी कार्यों में से एक है एवं सर्वोच्च प्राथमिकता वाला है, मैपिंग के माध्यम से निकले वंचित परिवारों एवं बच्चों के जीवन में शासन/विभिन्न विभागों की योजनाओं के माध्यम से जितना ज्यादा से ज्यादा जुडाव हो सके यह न केवल मेरे व्यवहारिक जीवन के लिए बल्कि व्यक्तिगत जीवन के लिए ख़ुशी का विषय होगा। उन्होंने कहा शीघ्र ही महिला बाल विकास विभाग द्वारा हॉट स्पॉट का चिन्हाकन कर अलग -अलग टीम के माध्यम से सर्वे किया कार्य किया जाकर समय सीमा में डेटा कलेक्सन किया जायेगा और विश्लेषण कर पात्र लोगों को जिन योजनाओं से तात्कालिक जोड़ा जा सकता है उन्हें तात्कालिक लाभ दिया जायेगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अनिल जैन ने कार्यशाला के उद्देश्य के बारे में बताया किशोर न्याय (बालको की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के प्रावधानों के तहत बच्चों की देखरेख एवं संरक्षण के सकारात्मक उपाय के सिद्धांत के अनुसार परिवार एवं समुदाय में सभी संसाधनों को जुटाकर बच्चों के सर्वोत्तम हितों को बढ़ावा देने एवं जोखिम ग्रस्त बच्चों की पहचान को सुगम बनाया जाकर एवं समावेशी एवं सक्षम वातावरण तैयार किये जाने के परिपालन में प्रथम चरण में 13 जिलो में ग्राम ब्लाक वार्ड में वंचित परिवारों एवं बच्चों के चिन्हाकन वल्नेरेबिलिटी मैपिंग का कार्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से किया जाना है।
कार्यशाला में जिले के समस्त परियोजना अधिकारी, सेक्टर पर्यवेक्षक, एवं सेक्टर पर्यवेक्षकों का भोपाल से आये डेवलपमेंट पार्टनर्स के मास्टर ट्रेनर्स द्वारा मेपिंग टूल पर एवं इसके उदेश्यों आदि पर विस्तार से बताया गया। जिला स्तरीय कोर कमिटी से उपस्थित जिला विधिक अधिकारी, पुलिस विभाग से ट्रेफिक प्रभारी, एसजेपीयु प्रभारी, कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला समन्वयक आरजीएसए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, बाल श्रम जिला अधिकारी, श्रम अधिकारी, सेडमेप जिला समन्वयक आदि जिला अधिकारियों को इस कार्यशाला के उदेश्य एवं विभिन्न विभागों की बच्चों एवं परिवारों के लिए योजनायें एवं भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। विभागों से पधारे अधिकारियों ने कार्य में योगदान एवं सहयोग हेतु का आश्वासन दिया।
कार्यशाला में भोपाल से पधारे डेवलपमेंट पार्टनर्स ज्योति रंजन ममता संस्था बाकर, जिला समन्वयक वीरेंद्र जैन मास्टर ट्रेनर्स, बाल संरक्षण अधिकारी सह समस्त आइसीपीएस स्टाफ, परियोजना अधिकारी एवं सेक्टर पर्यावेक्षक उपस्तिथ रहे


