जिला चिकित्सालय दमोह में नई विजिटर पॉलिसी लागू गेटपास अनिवार्य, बिना पास प्रवेश पर लगेगा अर्थदंड
जिला चिकित्सालय दमोह में नई विजिटर पॉलिसी लागू गेटपास अनिवार्य, बिना पास प्रवेश पर लगेगा अर्थदंड
दमोह : जिला चिकित्सालय दमोह में भर्ती मरीजों की सुविधा, सुरक्षा एवं अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से नई विजिटर पॉलिसी लागू कर दी गई है। सिविल सर्जन डॉ. प्रहलाद पटेल ने बताया कि अस्पताल परिसर में प्रवेश एवं मरीज के साथ रहने के लिए अब गेटपास अनिवार्य रहेगा।उन्होने बताया भर्ती मरीज के परिजन को गेटपास काउंटर से गुलाबी रंग का पास उपलब्ध कराया जाएगा, जिसका उपयोग केवल अधिकृत अटेंडर द्वारा किया जा सकेगा। एक समय में एक ही परिजन मरीज के साथ रह सकेगा। दूसरे परिजन के आने पर पहले उपस्थित परिजन को परिसर से बाहर जाना होगा। गंभीर मरीजों के साथ दो परिजन रहने की अनुमति दी गई है।मिलने का निर्धारित समयमरीजों से मिलने के लिए आने वाले व्यक्तियों को पीले रंग का पास बनवाना अनिवार्य होगा।मिलने का समय दोपहर 12 बजे से 02 बजे तक और शाम 06 बजे से 07 बजे तक निर्धारित किया गया है।आईसीयू में बच्चों का प्रवेश वर्जितअस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि आईसीयू यूनिट में बच्चों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को मरीज के साथ न रखा जाए और न ही परिजन उन्हें साथ लेकर आएं।स्वच्छता एवं सुरक्षा में सहयोग की अपीलपरिजनों को निर्देशित किया गया है कि वे अपना सामान मरीज के बिस्तर के पास न रखें तथा अस्पताल की साफ-सफाई एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में अस्पताल कर्मियों का सहयोग करें।नियम उल्लंघन पर अर्थदंडबिना पास मरीज के साथ पाए जाने पर 100 रुपये अर्थदंड वसूला जाएगा। यह राशि रोगी कल्याण समिति के खाते में क्यूआर कोड के माध्यम से जमा करनी होगी। ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध न होने की स्थिति में नगद भुगतान कर विधिवत रसीद प्राप्त करनी होगी। बिना रसीद भुगतान करने पर संबंधित व्यक्ति स्वयं जिम्मेदार होगा। धूम्रपान, पान-गुटखा, खाकर अथवा शराब का सेवन कर अस्पताल में प्रवेश करने पर 200 रुपये अर्थदंड बिंदु क्रमांक 12 के अनुसार वसूला जाएगा। किसी भी प्रकार की असुविधा या शिकायत की स्थिति में सहायक अस्पताल प्रबंधक डॉ. सुरेन्द्र विक्रम सिंह – 8770561597, आरएमओ डॉ. चक्रेश अहिरवाल – 7747098035 तथा दमोह हेल्पलाइन नंबर से संपर्क किया जा सकता है।



