हिन्दी लेखिका संघ दमोह का काव्यांजलि कार्यक्रम संपंन
हिन्दी लेखिका संघ दमोह का काव्यांजलि कार्यक्रम संपंन

दमोह। गणतंत्र दिवस पर हिन्दी लेखिका संघ दमोह का काव्यांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पुष्पा चिले ने की। विशिष्ट अतिथि डॉ प्रेमलता नीलम रहीं। मां सरस्वती के पूजन, वंदना के उपरांत कवयित्रियों ने देश भक्ति से ओत-प्रोत रचनाओं की बौछार कर सबको गदगद कर दिया। पुष्पा चिले सीमा पर जो अडिग हों,प्राण करें आहूत। भारत मां के लाड़ले, बाके वीर सपूत। डॉ प्रेमलता नीलम तिरंगा देश की शान है लहराता रहेगा, यही देश का सम्मान है। मंजु राजपूत स्वतंत्रता का भाव को, रखिए सुतंत्र भी। जन गण का भी यही, हवज जय गान है। प्रेमलता उपाध्याय केसरिया रंग सोहे, भारती के मन मोहे, शौर्य की पताका बना तिरंगा महान है। सीमा जैन उस देश में हमने जन्म लिया, जहां सभी धर्म समान हैं। आराधना राय मुझे आकाश नहीं मिट्टी चाहिए, मुझे स्वर्ग नहीं धरती चाहिए। लता गुरु वीरों के बलिदान से देश हुआ स्वाधीन। संगीता पान्डे भारत वंदे मातरम् जय भारत वंदेमातरम,रुक न पायें तूफानों में, सबसे आगे बढ़ें कदम। डॉ इन्द्रजीत कौर नहीं भुला सकतीं ये पीढ़ियां,शहादत वीरों की। वसुन्धरा तिवारी गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर हम गीत खुशी के गाते हैं। डॉ संगीता पाराशर मातृभूमि की चरण धूलि से,हम माथे चंदन करते हैं। अर्चना राय वीर शहीदों ने हमको स्वतंत्र भारत में जन्म लेने का सौभाग्य दिया है।उमा नामदेव गणतंत्र दिवस मनायें, तिरंगा लहरायें,भारत की शान बढ़ायें। पद्मा तिवारी गणतंत्र दिवस हम मनाते हैं, आज हुआ संविधान लागू,तिरंगा लहराते हैं,ऊषा शिवहरे क्यों न गणतंत्र कुछ ऐसे मनायें,कलुष मन का हर,दीप नेह का जलायें। शिवकुमारी शिवहरे गणतंत्र राष्ट्र पर्व है,मना रहे सर्व है।हम सभी को गर्व है। कुसुम खरे श्रुति भारत का दिल दिल्ली है और जिगर है मध्यप्रदेश।कमलेश शुक्ला सबसे सुन्दर, सबसे प्यारा,भारत देश हमारा। मनोरमा रतले वीरों की कुर्बानी का हमने फल पाया है। मालती असाटी तिरंगा हमारी शान है भारत की पहचान है। मनोरमा रतले ने कार्यक्रम का संचालन किया। आभार पुष्पा चिले व्यक्त किया। बड़ी संख्या में बहनों की उपस्थिति रही।



