कर्मचारी कल्याण कोष योजना में मध्यप्रदेश के 5 दिवागत शिक्षकों के परिवार को सिर्फ 170 रुपए से आर्थिक सहयोग 5 सितंबर से 20 सितंबर तक दमोह जिला की स्वर्गीय श्रीमती देवका लोधी जी के परिवार को भी आर्थिक सहयोग
दमोह। कर्मचारी कल्याण कोष योजना के अंतर्गत दमोह जिले की शासकीय प्राथमिक शाला गंभीरी में पदस्थ रहीं स्वर्गीय श्रीमती देवका लोधी के परिवार को प्रदेशभर के शिक्षक साथियों द्वारा आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा। यह सहयोग अभियान 5 सितंबर 2026 से प्रारंभ होगा। पीएमयूएम शिक्षक संघ के प्रांत संयोजक पवन खरे ने बताया कि कर्मचारी कल्याण कोष योजना के तहत सितंबर माह में मध्यप्रदेश के पांच दिवंगत शिक्षकों के परिवारों को आर्थिक सहयोग किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक सदस्य को मात्र 170 का सहयोग करना होगा। यह राशि पांच परिवारों में विभाजित होगी, अर्थात प्रत्येक सदस्य द्वारा एक परिवार के लिए लगभग 34 का सहयोग होगा। सामूहिक सहयोग के माध्यम से प्रत्येक संबंधित परिवार को लगभग 25 से 30 लाख तक की आर्थिक सहायता प्राप्त होने की संभावना ळें पवन खरे ने बताया कि शासकीय प्राथमिक शाला गंभीरी, ब्लॉक दमोह, जिला दमोह में पदस्थ रहीं स्वर्गीय श्रीमती देवका लोधी का 4 फरवरी 2026 को निधन हुआ था। वे कर्मचारी कल्याण कोष योजना में पंजीकृत थीं तथा उनके द्वारा पूर्व में योजना के सभी निर्धारित सहयोग किए गए थे। अब योजना के नियमों के अनुसार उनके परिवार को प्रदेशभर के शिक्षक साथियों द्वारा आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगस्त माह तक कर्मचारी कल्याण कोष योजना के माध्यम से दिवंगत शिक्षकों के परिवारों को लगभग 5 करोड़ 64 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। योजना का उद्देश्य कर्मचारी के निधन के बाद उसके परिवार को आर्थिक संकट की स्थिति में सामूहिक सहयोग के माध्यम से संबल प्रदान करना है। योजना के संस्थापक सतीश खरे ने कहा कि कर्मचारी कल्याण कोष शिक्षकों के परिवारों के लिए कठिन समय में महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा बन रहा है। सह-संस्थापक बृजेश असाटी ने शिक्षक साथियों से अधिक से अधिक संख्या में योजना से जुड़ने और सहयोग करने की अपील की। प्रांत अध्यक्ष मुरली मनोहर अर्जरिया ने भी कहा कि सामूहिक सहयोग की यह व्यवस्था शिक्षक समाज की एकजुटता और संवेदनशीलता का उदाहरण है। उन्होंने सभी शिक्षक साथियों से अभियान में सहभागिता करने का आह्वान किया। अंत में पवन खरे ने कहा कि सभी शिक्षक साथी कर्मचारी कल्याण कोष योजना में पंजीयन कर नियमित रूप से सहयोग अवश्य करें, ताकि किसी शिक्षक साथी के असामयिक निधन की स्थिति में उसके परिवार को आर्थिक संबल मिल सके। उन्होंने कहा कि आज किया गया छोटा-सा सहयोग भविष्य में स्वयं के परिवार के लिए भी सुरक्षा का आधार बन सकता है।
