औषधीय फसलों की खेती से बढ़ेगी किसानों की आय, मझगुआ कीरत में हुआ विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम

तहसील जबेरा अंतर्गत ग्राम मझगुआ कीरत स्थित फार्म हाउस में किसानों को औषधीय फसलों की उन्नत खेती और उससे होने वाले आर्थिक लाभ की जानकारी देने हेतु एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर एवं कृषि विज्ञान केंद्र, दमोह के मार्गदर्शन में किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जबलपुर से आए कृषि वैज्ञानिकों एवं प्रोफेसरों ने किसानों को औषधीय फसलों की खेती की आधुनिक तकनीकों, उनकी बाजार में मांग, उत्पादन लागत तथा संभावित आय के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञों ने विशेष रूप से शतावरी, सफेद मूसली, काली तुलसी सहित विभिन्न औषधीय पौधों की खेती के वैज्ञानिक तरीकों, औषधीय गुणों एवं व्यावसायिक महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को बताया गया कि पारंपरिक फसलों के साथ औषधीय फसलों की खेती अपनाकर वे अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। कृषि वैज्ञानिकों ने औषधीय खेती को भविष्य की लाभकारी कृषि बताते हुए किसानों को इसके प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर जबेरा विकासखंड के वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा किसानों का पंजीयन कर उन्हें मिनी किट का वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम में किसानों की बड़ी संख्या ने भाग लेकर विशेषज्ञों से सीधे संवाद किया और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम में गोपाल पटैल, महराज सिंह, निजाम सिंह, नीतेन्द्र सिंह, गोपाल सिंह, उमेश यादव, कृषि विभाग अधिकारी पियूष वर्मा, रोहित कुमावत, शैलेन्द्र नेमा, श्रीकांत साहू, एस.एल. कुर्मी, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी नरेंद्र सिंह, हेमराज सिंह, शिवम मिश्रा, निखिल ठाकुर सहित क्षेत्र के अनेक किसान बंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में किसानों ने औषधीय खेती को लेकर उत्साह व्यक्त किया और इसे आय बढ़ाने का एक प्रभावी विकल्प बताया। विशेषज्ञों ने किसानों को तकनीकी सहयोग एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।


