आपदा के समय नहीं, उससे पहले की गई तैयारी ही सबसे प्रभावी सुरक्षा – कलेक्टर श्री यादव विद्यालयों, जर्जर भवनों, सड़कों, बिजली-पेयजल व्यवस्था और संवेदनशील स्थलों की निगरानी के निर्देश, जन-धन हानि रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता कलेक्टर ने विभागवार तैयारियों की समीक्षा कर दिए सख्त निर्देश

दमोह : 09 जुलाई 2026
जिले में वर्षाकाल के दौरान किसी भी प्रकार की जन-धन हानि अथवा आपदा की स्थिति से बचाव के लिए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा आपदा आने के बाद नहीं, बल्कि उससे पहले की गई तैयारी ही सबसे प्रभावी सुरक्षा होती है। सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए संभावित जोखिमों को समय रहते समाप्त करें।
विद्यालय , छात्रावास एवं आंगनवाड़ी भवन रहें पूरी तरह सुरक्षित
जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए कि सभी विद्यालयों एवं छात्रावासों का सुरक्षा -परीक्षण कराया जाए। जर्जर अथवा कंडम भवनों में किसी भी स्थिति में संचालन न हो। मरम्मत योग्य भवनों की शीघ्र मरम्मत तथा अत्यधिक क्षतिग्रस्त भवनों को प्रतिबंधित करने की कार्रवाई समय पर पूरी की जाए।
जर्जर भवन, बिजली और पेयजल पर विशेष सतर्कता
नगरपालिका एवं संबंधित विभागों को जर्जर भवनों का सर्वे कर आवश्यक मरम्मत, बैरिकेडिंग एवं चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए। विद्युत विभाग को लटकते तार, क्षतिग्रस्त पोल एवं अन्य जोखिम वाले स्थलों को तत्काल सुरक्षित करने तथा पीएचई एवं जल संसाधन विभाग को पेयजल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के निर्देश दिए गए।
सड़कें, पुल-पुलिया और संवेदनशील स्थलों की निगरानी
लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं संबंधित एजेंसियों को सड़कों, पुल-पुलियों तथा जोखिम वाले स्थलों का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। एसडीएम एवं तहसीलदारों को सभी विभागों के साथ समन्वय बनाकर नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा गया।
जनहित सर्वोपरि
कलेक्टर श्री यादव ने कहा सभी विभाग आपसी समन्वय एवं पूरी सतर्कता के साथ कार्य करें, ताकि बारिश के दौरान जिले में किसी भी प्रकार की जन-धन हानि न हो। बैठक में अपर कलेक्टर, एसडीएम सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी एवं कार्यपालन यंत्री उपस्थित रहे



