संघर्ष के आगे झुका प्रशासन, 7 दिन में 9 लाख सहायता राशि देने का आश्वासन; आंदोलन फिलहाल स्थगित कुशवाहा समाज का वोट चाहने वाली भाजपा सरकार न्याय के नाम पर शून्य योगेंद्र कुशवाहा

दमोह। ग्राम शिवपुर निवासी बिजली विभाग के आउटसोर्स कर्मचारी स्वर्गीय ओमकार कुशवाहा की करंट लगने से हुई दुखद मृत्यु के बाद पीड़ित परिवार को न्याय एवं आर्थिक सहायता दिलाने के लिए सम्राट अशोक क्रांति सेना एवं समाजवादी पार्टी द्वारा चलाया जा रहा संघर्ष निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। संगठन द्वारा 12 जून 2026 को प्रस्तावित कलेक्ट्रेट घेराव एवं जनआंदोलन की घोषणा के बाद प्रशासन हरकत में आया और पीड़ित परिवार को राहत देने के लिए सकारात्मक पहल की गई। स्वर्गीय ओमकार कुशवाहा के भाई प्रकाश कुशवाहा के बताएं अनुसार सम्राट अशोक क्रांति सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं समाजवादी पार्टी युवजन सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष योगेंद्र कुशवाहा ने जानकारी देते हुए बताया कि दमोह पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना प्रभारी रनेह एवं बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता द्वारा मृतक के परिजनों को 7 दिनों के भीतर 9 लाख की आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध कराने तथा अन्य मांगों पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। प्रशासन द्वारा दिए गए इस लिखित एवं मौखिक आश्वासन तथा पीड़ित परिवार की सहमति को ध्यान में रखते हुए संगठन ने 12 जून को प्रस्तावित आंदोलन को फिलहाल 7 दिनों के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया है। भाजपा को कुशवाहा समाज का वोट चाहिए, लेकिन न्याय के नाम पर शून्यरू योगेंद्र कुशवाहा प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए योगेंद्र कुशवाहा ने प्रदेश की भाजपा सरकार और स्थानीय भाजपा नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा यह बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है कि पीड़ित कुशवाहा परिवार न्याय और मदद की गुहार लेकर सबसे पहले स्थानीय भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों के पास गया था। लेकिन सत्ता के नशे में चूर भाजपा नेताओं ने इस गरीब परिवार की सुध लेना तो दूर, उन्हें दुत्कार कर भगा दिया। भाजपा को चुनाव में कुशवाहा समाज का वोट तो चाहिए, लेकिन जब समाज के किसी बेटे पर विपत्ति आती है, तो न्याय के नाम पर यह सरकार और इसके नेता श्शून्यश् साबित होते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जब पीड़ित परिवार हताश हो गया, तब समाजवादी पार्टी और सम्राट अशोक क्रांति सेना ने इस लड़ाई को अपने हाथ में लिया। हमारे द्वारा उग्र जनआंदोलन और कलेक्ट्रेट घेराव की घोषणा के बाद ही सोई हुई भाजपा सरकार और शासन-प्रशासन के लोग जागे हैं। यह जीत हमारे संघर्ष और एकता की है। एक जान की कीमत 9 लाख नहीं हो सकतीरू हमारी मुख्य मांगें यथावत योगेंद्र कुशवाहा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी इंसान की जान की कीमत महज 9 लाख रुपये नहीं हो सकती। मृतक अपने पीछे दो छोटे बच्चे छोड़ गया है। प्रशासन का यह आश्वासन तात्कालिक राहत मात्र है, हमारी मुख्य लड़ाई इन मांगों को लेकर यथावत रहेगी 50 लाख का मुआवजारू मृतक के दो छोटे बच्चों की परवरिश और उच्च शिक्षा के लिए कम से कम 50 लाख की राशि दी जाए।
सरकारी नौकरीरू पीड़ित परिवार के एक सदस्य को तत्काल सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।


