पात्र वृद्धजनों के लिए चला ‘सेवा और आशीर्वाद अभियान’, 1539 हितग्राहियों की पेंशन हुई पुनः प्रारंभ कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के नेतृत्व में प्रशासन की अभिनव पहल
दमोह :
जिले में पात्र वृद्धजनों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ दिलाने हेतु चलाए गए ‘सेवा और आशीर्वाद अभियान’ को प्रशासन ने सफलतापूर्वक पूर्ण किया। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि 18 मई से प्रारंभ होकर 10 जून तक चले इस विशेष अभियान के अंतर्गत 1664 पात्र हितग्राहियों की पहचान की गई थी, जिनमें से 1539 वृद्धजनों का ई-केवाईसी कार्य पूर्ण कर उनकी बंद पेंशन पुनः चालू कराई गई।
रात्रि चौपाल और ग्राम भ्रमण से मिली समस्या की जानकारी
कलेक्टर श्री यादव ने कहा जिले में आयोजित रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने जानकारी दी कि अनेक वृद्धजन पात्र होने के बावजूद पेंशन से वंचित हैं। ई-केवाईसी नहीं होने के कारण उनकी पेंशन 8 से 9 माह से बंद थी और वे लगातार कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे। उन्होने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संबंधितो को तत्काल निर्देशित किया कि डाटा विश्लेषण कर ऐसे 1664 हितग्राहियों की सूची तैयार कराई जाये, जो पात्र होने के बावजूद शासन की योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे थे।
गाँव-गाँव चस्पा की गई सूची, अधिकारियों की हुई कार्यशाला
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए पात्र हितग्राहियों की सूची गाँव-गाँव चस्पा की गई। आधार केंद्र प्रभारियों, जनपद पंचायत के सीईओ, मुख्य नगरपालिका अधिकारियों एवं अन्य संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। इसमें अभियान के उद्देश्य, प्रक्रिया एवं जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
घर-घर पहुँचकर किया गया ई-केवाईसी
अभियान के दौरान आधार केंद्र प्रभारियों, रोजगार सहायकों, सचिवों एवं वार्ड प्रभारियों की टीमों ने घर-घर जाकर वृद्धजनों का ई-केवाईसी कराया। आधार केंद्र प्रभारी अपने साथ बायोमेट्रिक एवं आइरिस डिवाइस लेकर पहुँचे। वृद्धजनों की सुविधा का विशेष ध्यान रखते हुए पहले उनके हाथ धुलवाए गए, क्रीम लगाई गई और फिर दसों उँगलियों से सफलतापूर्वक ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण की गई। उन्होने कहा शेष हितग्राही वर्तमान में जिले से बाहर हैं। उनके वापस आने पर उनकी भी आवश्यक कार्रवाई पूर्ण कर उन्हें पेंशन योजना का लाभ दिलाया जाएगा।
प्रशासन की पहल से निःशुल्क हुआ ई-केवाईसी कार्य
कलेक्टर श्री यादव ने कहा 1539 वृद्धजनों की लंबित पेंशन पुनः चालू कराई गई। यह वे हितग्राही थे जिनके संबंध में विभागीय पोर्टल पर पंचनामा अपलोड किया गया था कि सभी प्रयासों के बावजूद उनका ई-केवाईसी कार्य पूरा नहीं हो सका। कई वृद्धजन ऐसे थे जिनके पास ई-केवाईसी की फीस देने तक की आर्थिक स्थिति नहीं थी। ऐसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने निर्णय लिया कि किसी भी वृद्धजन से ई-केवाईसी के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। सभी पात्र हितग्राहियों का ई-केवाईसी पूर्णतः निःशुल्क कराया गया। उन्होंने कहा आधार केंद्र प्रभारियों द्वारा किए गए कार्य का भुगतान एनजीओ के माध्यम से किया जाएगा, ताकि वृद्धजनों पर किसी प्रकार का आर्थिक भार न पड़े।
अभियान के दौरान गठित टीमों की लगातार मॉनिटरिंग की गई तथा उन्हें समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने पूरी टीम, संबंधित विभागों और सहयोगी संस्थाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक मेहनत और संवेदनशील प्रशासनिक दृष्टिकोण के कारण यह अभियान सफल हो सका
प्रशासनिक संवेदनशीलता का उदाहरण बना अभियान
‘सेवा और आशीर्वाद अभियान’ प्रशासन की संवेदनशील कार्यप्रणाली और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है। अभियान के माध्यम से हजारों वृद्धजनों को पुनः सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ प्राप्त हुआ है, जिससे उनके जीवन में राहत और विश्वास दोनों बढ़े हैं।
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