जबेरा के सरकारी कॉलेज में नियमित सहायक प्राध्यापकों की मांग- एनएसयूआई ने सौंपा ज्ञापन 01 नियमित, 14 अतिथि- शैक्षणिक गुणवत्ता में गिरावट

दमोह। जिले के शासकीय महाविद्यालय जबेरा में नियमित सहायक प्राध्यापकों की पदस्थापना एवं डिप्लॉय समाप्त किए जाने की मांग को लेकर एनएसयूआई जिलाध्यक्ष शुभम तिवारी ने उच्च शिक्षा मंत्री के नाम एक ज्ञापन कलेक्ट्रेट पहुंचकर दिया। ज्ञापन में महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्थाओं पर गंभीर प्रभाव पड़ने की बात कही गई। उल्लेख किया गया कि शासकीय महाविद्यालय जबेरा वर्तमान में 14 अतिथि विद्वानों के भरोसे चल रहा है, जबकि नियमित रूप से केवल एक सहायक प्राध्यापक पदस्थ हैं। वहीं दो सहायक प्राध्यापक लंबे समय से डिप्लॉय पर होने के कारण विद्यार्थियों को नियमित शैक्षणिक मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा ळें शुभम तिवारी ने बताया कि नियमित सहायक प्राध्यापकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई, परीक्षा संबंधी गतिविधियां, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं अन्य सहशैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। अतिथि विद्वानों पर अत्यधिक निर्भरता के कारण महाविद्यालय का समग्र शैक्षणिक वातावरण भी कमजोर पड़ता जा रहा है और गुणवत्ता में गिरावट महसूस की जा रही है। उन्होंने कहा कि जबेरा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बड़ी संख्या में विद्यार्थी इसी महाविद्यालय पर निर्भर हैं। ऐसे में नियमित सहायक प्राध्यापकों की पर्याप्त पदस्थापना और डिप्लॉय समाप्त किया जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। तहसील और ग्रामीण अंचलों में पदस्थ नियमित सहायक प्राध्यापक, कुछ समय बाद ट्रांसफर अथवा अन्य कारणों से चले जाते हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्र की उच्च शिक्षा व्यवस्था और विकास प्रभावित होता है। एनएसयूआई ने महाविद्यालय में शीघ्र नियमित सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति किए जाने की मांग की। इस मौके पर जिला अध्यक्ष शुभम तिवारी, ऋषभ सेन , गौरव अवस्थी, साहिल अटवाल, शिवम सोनी, नारायण पटेल, अनिकेत दुबे शामिल रहे।


