जिले में एच.पी.व्ही. टीकाकरण अभियान को मिली रफ्तार, 3859 किशोरियां हुई सुरक्षित
जिले में एच.पी.व्ही. टीकाकरण अभियान को मिली रफ्तार, 3859 किशोरियां हुई सुरक्षित
दमोह :मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. अठया ने बताया कि जिले में किशोरियों को हयूमन पेपीलोमा वायरस संक्रमण (एच.पी.व्ही.) से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से चलाये जा रहे एच.पी.व्ही. टीकाकरण अभियान में लगातार प्रगति दर्ज की जा रही है। यह एक महत्वपूर्ण जनस्वास्थ्य पहल है, जिसमें जनसहभागिता भी लगातार बढ़ रही है।जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. विक्रांत चैहान ने बताया कि अब तक जिले में नियोजित 400 सत्रों में से 383 सत्र सफलतापूर्वक आयोजित किये जा चुके है, जो लगभग 96 प्रतिशत उपलब्धि को दर्शाता है।डॉ. चौहान ने बताया कि जिले का कुल लक्ष्य 14,436 किशोरियों को एच.पी.व्ही. टीकाकरण करने का है, जिनमें से अब तक 3859 (लगभग 27 प्रतिशत) किशोरियो टीकाकृत की जा चुकी हैं। इस प्रकार प्रत्येक 4 में से एक किशोरी को टीकाकृत कर एच.पी.व्ही. के संक्रमण से बचाव हेतु सुरक्षा कवच दिया जा चुका है।ब्लॉक स्तर पर प्रगतिएच.पी.व्ही. टीकाकरण अभियान में तेन्दूखेड़ा विकासखंड 40 प्रतिशत उपलब्धि के साथ सबसे आगे है। इसके अलावा हटा 29 प्रतिशत और पथरिया 28 प्रतिशत में भी सराहनीय प्रगति दर्ज की गई है। वहीं जबेरा 26 प्रतिशत, बटियागढ़ 24 प्रतिशत, दमोह 23 प्रतिशत एवं पटेरा 22 प्रतिशत में भी अभियान निरंतर गति से बढ़ रहा है। विभाग द्वारा शेष लक्ष्यों की पूर्ति के लिए भी प्रयास निरंतर किये जा रहे है।क्यों जरूरी है एच.पी.व्ही. टीकाकरणमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अठया ने बताया कि एच.पी.व्ही. एक सामान्य वायरस है, जो आगे चलकर सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) का प्रमुख कारण बन सकता है। विश्व के 150 से अधिक देशों में वर्ष 2009 से यह वैक्सीन लगाई जा रही है। दुनिया में अभी तक लगभग 55 करोड़ किशोरियों को एच.पी.व्ही. वैक्सीन लगाई जा चुकी है। एच.पी.व्ही. वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित एवं प्रभावी है, जिसे डब्ल्यू.एच.ओ. सहित विश्व की प्रमुख संस्थाओं द्वारा मान्यता प्राप्त है।

