प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार ने जिले के पत्रकारों से की चर्चा विभिन्न मुद्दों पर दी जानकारी

प्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री तथा दमोह जिले के प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार ने गुरुवार को दमोह में आयोजित पत्रकार वार्ता में राष्ट्रीय मुद्दों से लेकर जिले के विकास कार्यों तक विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। पत्रकार वार्ता में दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी, प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मेंद्र सिंह लोधी तथा हटा विधायक उमादेवी खटीक, गोपाल पटैल भी उपस्थित थे।
पत्रकार वार्ता में प्रभारी मंत्री ने राष्ट्रीय संकट के समय जनता की भूमिका, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान, आर्थिक स्वावलंबन, पर्यावरण संरक्षण, पेयजल व्यवस्था, गेहूं उपार्जन, जल संरक्षण, सांदीपनी विद्यालयों और विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तार से जानकारी साझा की।
राष्ट्रीय संकट में जनता की भूमिका पर रखे विचार
प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि भारत की ऐतिहासिक परंपरा रही है कि जब भी देश किसी संकट से गुजरा है, तब जनता और सरकार ने मिलकर उसका सामना किया है। उन्होंने कहा कि देश ने युद्ध, आर्थिक चुनौतियों और महामारी जैसे कठिन दौर देखे हैं, लेकिन हर बार जनता की सहभागिता और विश्वास ने देश को मजबूत किया है।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का उदाहरण देते हुए कहा कि पाकिस्तान युद्ध और खाद्यान्न संकट के समय शास्त्री जी ने “जय जवान, जय किसान” का नारा दिया था तथा देशवासियों से सप्ताह में एक दिन उपवास रखने की अपील की थी। उस समय लोगों ने व्यक्तिगत सुविधाओं से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता दी थी।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी भी उसी भावना के साथ देश को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा जनता को विश्वास में लेकर कार्य किया है और देश के सामने आने वाली चुनौतियों को छिपाने के बजाय जनता से सहयोग और सहभागिता का आह्वान किया है।
आर्थिक स्वावलंबन और संसाधनों की बचत पर जोर
प्रभारी मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में आत्मनिर्भरता और संसाधनों की बचत बेहद आवश्यक है। यदि समाज मितव्ययिता और अनुशासन का पालन करे तो सीमित संसाधनों का उपयोग अधिक समय तक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अनावश्यक खर्चों में कमी और स्थानीय संसाधनों के उपयोग से देश आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा विदेशी वस्तुओं पर निर्भरता कम करने और देशी संसाधनों को बढ़ावा देने की दिशा में जो प्रयास किए जा रहे हैं, वह देश को दीर्घकालीन मजबूती प्रदान करेंगे।
कोरोना संकट का किया उल्लेख
प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि देश कोरोना जैसी वैश्विक महामारी का सफलतापूर्वक सामना कर चुका है। उन्होंने कहा कि उस कठिन समय में भारत ने न केवल अपने नागरिकों की सुरक्षा की, बल्कि दुनिया के कई देशों की सहायता भी की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और जनता के सहयोग से देश भविष्य की हर चुनौती का सामना मजबूती से करेगा।
पर्यावरण संरक्षण को बताया जनआंदोलन की आवश्यकता
पत्रकार वार्ता के दौरान प्रभारी मंत्री ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपनी व्यक्तिगत पहल की भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों से वे प्रतिदिन दोपहर 1:30 बजे से 2:30 बजे तक अपने परिसर की बिजली बंद रखते हैं। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य केवल बिजली बचत नहीं, बल्कि एसी और अन्य उपकरणों से निकलने वाली अतिरिक्त गर्मी को कम करना भी है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर लगातार बढ़ते तापमान और पर्यावरण असंतुलन को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर योगदान देना होगा। उन्होंने इसे प्रकृति और धरती माता के प्रति अपनी जिम्मेदारी बताया।
सिंगल यूज प्लास्टिक पर जताई गंभीर चिंता
प्रभारी मंत्री ने सिंगल यूज प्लास्टिक को पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि प्लास्टिक जलाने से निकलने वाली जहरीली गैसें गंभीर बीमारियों, विशेष रूप से कैंसर का कारण बनती हैं। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक खेतों और जल स्रोतों में पहुंचकर मिट्टी की उर्वरता तथा प्राकृतिक संतुलन को भी प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं अपने निजी जीवन में प्लास्टिक का उपयोग कम करने का प्रयास कर रहे हैं तथा अपने घर और किचन को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से भी सिंगल यूज प्लास्टिक छोड़ने की अपील की।
विकास कार्यों की समीक्षा और अधिकारियों को निर्देश
प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि दमोह जिले में चल रहे विकास कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है। उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी परियोजनाएं समयसीमा के भीतर और गुणवत्ता के साथ पूरी की जाएं। लोक निर्माण विभाग सहित अन्य निर्माण एजेंसियों को भी चेतावनी दी गई है कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सांदीपनि विद्यालयों को लेकर सरकार गंभीर
शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि जिले में निर्माणाधीन सांदीपनि विद्यालयों के भवन अगस्त माह तक तैयार हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है।
पेयजल संकट को लेकर दिए निर्देश
गर्मी के मौसम में पेयजल व्यवस्था को लेकर प्रभारी मंत्री ने कहा कि सरकार पूरी गंभीरता से स्थिति की निगरानी कर रही है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर नए बोर कराए जाएं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल संकट की स्थिति नहीं बनने दी जाएगी और अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं।
गेहूं उपार्जन और किसानों के हितों पर चर्चा
पत्रकार वार्ता में प्रभारी मंत्री ने गेहूं उपार्जन को लेकर कहा कि सरकार ने 23 मई तक सभी पंजीकृत किसानों से गेहूं खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में बारदाना और वेयरहाउस संबंधी कुछ तकनीकी समस्याएं आई थीं, लेकिन अब उन्हें दूर कर लिया गया है। सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा आवश्यकता पड़ने पर उपार्जन की अवधि आगे बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है।
जल गंगा संवर्धन अभियान को बताया महत्वपूर्ण
जल संरक्षण के विषय पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल संकट से बचने के लिए समाज की भागीदारी आवश्यक है और इसे जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाना चाहिए।
पत्रकार वार्ता के अंत में प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति बिजली की बचत, जल संरक्षण, प्लास्टिक त्याग और संसाधनों के संतुलित उपयोग जैसे छोटे-छोटे कदम उठाए, तो देश और समाज दोनों को दीर्घकालीन लाभ मिल सकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता, अनुशासन, आत्मनिर्भरता और जनसहयोग ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है।



