
मध्यप्रदेश में सर्पदंश से होने वाली मृत्यु दर को कम करने, समय पर प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने तथा आमजन को विभिन्न सांपों की प्रजातियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा महत्वाकांक्षी “सर्पदंश से सुरक्षा परियोजना” संचालित की जा रही है। यह परियोजना मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद (योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग) के माध्यम से संचालित की जा रही है।
इसी क्रम में सर्प अनुसंधान संगठन द्वारा दमोह जिले के प्रतिभागियों के लिए 9 मार्च 2026 से 13 मार्च 2026 तक 5 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन वसंत विहार, नानाखेड़ा, उज्जैन स्थित संस्थान में किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रेस्क्यूअर (बचावकर्ता), मोटिवेटर (प्रेरितकर्ता) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को तैयार करना रहा, ताकि सर्पदंश की घटनाओं में त्वरित सहायता और जागरूकता सुनिश्चित की जा सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सत्र में अजीता परमार (साशि निकाय सदस्य, जन अभियान परिषद), डॉ मुकेश इंगले (डायरेक्टर, सर्प अनुसंधान संगठन), शिवप्रसाद मालवीय (संभाग समन्वयक) विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रशिक्षण में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के रूप में केदार भिड़े (मुंबई), राजेश जाट (इंदौर) एवं कुंदन पवार (उज्जैन) ने प्रतिभागियों को सर्पों की पहचान, सुरक्षित बचाव, प्राथमिक उपचार तथा जनजागरूकता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस प्रशिक्षण में दमोह जिले के कुल 34 प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को सर्पदंश से बचाव, त्वरित प्राथमिक उपचार तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने के लिए प्रशिक्षित किया गया।

