भव्यता पूर्वक संपन्न हुए दिव्य चालीसा पाठ मनुष्य के मूल कर्तव्य धर्म रक्षा राष्ट्र का मानवता की सेवा-आशीष शुक्ला

दमोह। पंच ज्योति शक्ति तीर्थ सिद्धाश्रम धाम एवं भगवती मानव कल्याण संगठन के संयुक्त तत्वाधान में दमोह जिले के जवेरा तहसील के ग्राम परसवाहा में 13 मार्च 2026 से प्रारंभ होकर 15 मार्च 2026 को दोपहर 11ः00 बजे संपन्न हुआ। समापन की बेला में सिद्धाश्रम धाम से चलकर आए भगवती मानव कल्याण संगठन के केंद्रीय मुख्य सचिव सिद्धाश्रम रत्न आशीष शुक्ला उर्फ राजू भैया जी का शुभ आगमन हुआ 24 घंटे के दिव्य चालीसा पाठ में उपस्थित हुए सभी जाति धर्म संप्रदाय के लोगों के लिए संबोधित करते हुए केंद्रीय मुख्य सचिव जी ने कहा कि हमारे सिद्धाश्रम धाम की विभूति हमारे मां गुरुवर के जय घोष लग रहे थे तो बहुत कम आवाज आ रही थी बहुत कम तालियां बज रही लेकिन बज रही थी महत्वपूर्ण है कि बज रही थी जब हम ऐसे कार्यक्रम में उपस्थित होते हैं धार्मिक कार्यक्रम में उपस्थित होते हैं आध्यात्मिक कार्यक्रम में उपस्थित होते हैं तो सबसे पहले ध्यान आता है कि बड़े भाग्य मानुष तन पाया है और मनुष्य तन पाने की महिमा परम पूज्य गुरुवर जी से उत्तम आज कोई नहीं बखान कर सकता परम पूज्य गुरुवर ने कहा कि आत्म उत्थान के लिए प्रकृति के बने उत्थान की रचना मानव शरीर है काम क्रोध लोभ मोह का जीवन जीव जंतु कीट पतंग आप देखिए की एक छोटी सी चींटी के लिए आप दवा देंगे तो वह भी आपको काट देगी यह स्वभाव उसमें भी होता है यदि मधुमक्खी के छाते में आप हाथ डालोगे या उसकी शहद निकालने का प्रयास करोगे तो वह भी काट लेगी यह उसका स्वभाव है जीव जंतुओं से बेहतर मनुष्य जीवन महत्वपूर्ण क्यों है जिसको सार्थक बताया क्यों जरूरी है जब गुरुवर ने विशिष्ट बताया है और हमें बार-बार विथीत होना चाहिए इसलिए मंचों से बताया जाता है गुरुदेव ने भी कहा है कि काम क्रोध लोग मोहसे तो सारी सृष्टि लिप्त है लेकिन मनुष्य जीवन काम क्रोध लोभ मोह को पराजित करके सातों चक्रों का मुख्य द्वार सा स्ट्रांग मौजूद है जिससे मनुष्य मैं ब्रह्मांड की स्थापित होने की बात कही जाती है और हमें अपने विवेक को जागृत करने की आवश्यकता होती है जिससे मनुष्य के मूल कर्तव्यों का पालन किया जा सके। परम पूज्य गुरुवर श्री ने कथा वाचक नहीं बनाया गुरुवर जी ने हम लोगों के लिए किस कहानी नहीं बताया गुरुदेव जी ने हमें वाद्य यंत्रों में नाचना धड़कन नहीं सिखाया गुरुदेव जी ने हमें साधना आराधना करना सिखाया आज समाज की ब्रह्म है की मेरुदंड को सीधी करके बैठना नहीं जानते मेरुदंड को सीधे रखने से शरीर की कई बीमारियां दूर हो जाती हैं परम पूज्य गुरुदेव जी ने हमें वह मार्ग प्रदान किया नशा मुक्त मांसाहार मुक्त जीवन जीते मां की साधना आराधना करना सिखाया पर स्वाहा के इस ग्राम में नाच गाना के बिना इतने लोग उम्र पड़े यही गुरुवर की असीम कृपा है मंच का संचालन प्रांतीय प्रवक्ता भैया बाबूलाल विश्वकर्मा जी ने किया आए हुए सभी मां के भक्तों का आभार व्यक्त परस्वाहग्राम के टीम प्रमुख जीने किया अंत में सभी मां भक्तों ने शक्ति जलवा प्रसाद प्राप्त किया।



