टीम उम्मीद का 13 वा स्वच्छता अभियान जीवंत हो उठी ग्राम भदोली की प्राचीन बावड़ी
टीम उम्मीद का 13 वा स्वच्छता अभियान जीवंत हो उठी ग्राम भदोली की प्राचीन बावड़ी
टीम उम्मीद का 13 वा स्वच्छता अभियान
जीवंत हो उठी ग्राम भदोली की प्राचीन बावड़ी
कौन कहता है आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो. यह प्रसिद्ध पंक्तियाँ आधुनिक हिंदी गजल के प्रसिद्ध रचनाकार दुष्यन्त कुमार द्वारा रचित हैं, जो दृढ निश्चय और कड़ी मेहनत का संदेश देती हैं. और ये पंक्तियां सटीक बैठती हैं स्वच्छता के ब्रांड एंबेसडर हरीश पटेल और उनकी टीम उम्मीद पर जिन्होनें अपने 13 वे सप्ताहिक स्वच्छता अभियान मे शहर से ग्रामीण क्षेत्र की ओर से स्वच्छता की पहल करते हुए दृढनिश्चय और मेहनत से ग्राम भदोली की लगभग 300/400 वर्ष पुरानी, वर्षों से उपेक्षित पड़ी बावड़ी को जीवंत कर दिया. , इस प्राचीन धरोहर रुपी बावड़ी के बारे में बुजुर्गो द्वारा बताया जाता रहा है कि अगर यहां किसी के यहा भंडारे के समय घी कम पड़ जाता था तो इस बावड़ी का पानी डालकर खाना बना लिया जाता था. लेकिन कई वर्षों से इस पर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया और साल दर साल ये बारिश में जर्जर हालत में होती रही और अब विलुप्त होने की कगार पर खड़ी थी, लेकिन दमोह के मेहनतकश युवा हरीश पटेल की नज़र इस पर पड़ी और शनिवार शाम महज़ 1 घंटे बावड़ी के समीप बैठ कर इसे पुनर्जीवित करने का संकल्प उन्होनें ले लिया. हरीश ने तुरंत दमोह कलेक्टर से त्वरित बात कर अपना रविवार का स्वच्छता अभियान बावड़ी के पुनर्जीवन को समर्पित कर दिया. कलेक्टर सुधीर कोचर ने भी पूरी बात सुनकर तुरंत अपनी सहमति दी और स्वयं स्वच्छता अभियान की इस पहल में शामिल होकर टीम उम्मीद का उत्साह बढ़ाते हुए बावड़ी को यथासम्भव प्रशासन की ओर से जीर्णोद्धार का भरोसा दिया. टीम उम्मीद के स्वच्छता अभियान में भदौली गांव के सरपंच सहित यहा के गांव वासियों ने श्रमदान में 2 घंटे से अधिक का समय देकर बावड़ी को साफ सुथरा किया. गांव वासियों ने भी टीम उम्मीद की तारीफ करते हुए कहा कि इस बावड़ी को ठीक करने के वादे अश्वासन तो बड़े-बड़े लोगों ने दिए लेकिन फिर कोई लौटकर कभी नहीं आया,कल भी जब हरीश पटेल यहां आए और यहां के सरपंच से बात करके गांव वालों से इस बारे में बात की तो हम सबको लगा कि इस बार भी ऐसा ही होगा और ये भी लौट कर नहीं आएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ वो सुबह पूरी तैयारी के साथ अपनी टीम उम्मीद और माननीय जिला कलेक्टर के साथ आए और बावड़ी का कायाकल्प कर दिया अब हमें उम्मीद टीम से उम्मीद जगी है. और ये भी भरोसा हुआ है कि इंसान ठान ले तो कुछ भी हो सकता है.सरपंच पप्पू ने गांव वालों के साथ मिलकर पूरी टीम के लिए नाश्ते का भी प्रबंध किया और पूरे गांव वाले बेहद खुश नजर आए. दमोह कलेक्टर सुधीर कोचर ने कहा कि इस बावड़ी को हम पूर्णतया सुरक्षित करेंगे पहले भी हम बांदकपुर की बावड़ी को संरक्षित कर चुके हैं इसके भी पुराने सौंदर्य को, पुराने वैभव को हम पुन: लौटाएंगे और अगले दो-तीन महींने में ये ऐतिहासिक धरोहर एक नए रूप में नजर आएगी.हरीश पटेल के नेतृत्व में चले इस अभियान में टीम उम्मीद के राकेश राठौर शिवम सोनी मनोज गुप्ता जितेंद्र अहिरवाल माधव पटेल नैना तिवारी डाली कटारे ब्रजेश सेन सुमित और जन अभियान परिषद के जिला समन्व्यक सुशील नामदेव सहित सभी ग्रामवासी शामिल रहे. हरीश ने कहा मेरा प्रयास हर स्वच्छता अभियान में नयी पहल के साथ कुछ नया करने का रहता है जिसमें मेरी टीम के सभी साथियों का पूरा सहयोग रहा है सभी लोगों ने हर अभियान में हर नई पहल के साथ स्वच्छता अभियान को नई ऊंचाईयों पर पहुंचाया है आगे भी इसी तरह शहर के हित में हम सभी काम करते रहेंगे. जिला समन्व्यक सुशील नामदेव ने कहा कि टीम उम्मीद का यह सराहनीय प्रयास है ऐसे प्रयास से ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखने का मौका मिलता है. जिले में ऐसी जल संरक्षण की अनेक प्राचीन बावड़िया हैं जिन्हे सहेजने की जरुरत है.

