मध्यप्रदेश प्रशासनिक ईकाई पुनर्गठन अयोग की जिला अधिकारियों के साथ प्रथम बैठक संपन्न कार्यशाला में दी गई अहम् जानकारियॉ
मध्यप्रदेश प्रशासनिक ईकाई पुनर्गठन अयोग की जिला अधिकारियों के साथ प्रथम बैठक संपन्न कार्यशाला में दी गई अहम् जानकारियॉ

दमोह : 30 जनवरी 2026
मध्यप्रदेश प्रशासनिक ईकाई पुनर्गठन अयोग के अध्यक्ष श्री एस.एन मिश्रा, सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह और सदस्य श्री मुकेश शुक्ला की गरिमामय मौजूदगी में जिला कार्यालय सभाकक्ष में फील्ड स्तर पर काम काने वाले अधिकारी-कर्मचारियों और जिला स्तर के अधिकारियों की प्रशिक्षण उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन हुआ। इस अवसर पर कलेक्टर श्री सुधीर कुमार कोचर, पुलिस अधीक्षक श्री श्रुतकीर्ति सोमवंशी सहित एडीशनल कलेक्टर श्रीमति मीना मसराम, सीईओ जिला पंचायत श्री प्रवीण फुलपगारे सहित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस तथा जिला अधिकारी एवं तहसीलदार, सीईओ जनपद सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मध्यप्रदेश प्रशासनिक ईकाई पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष श्री एस.एन मिश्रा ने भौगोलिक परिस्थितीयों एवं जन अपेक्षाओं के आधार पर अधिक जनोन्मुखी एवं सुलभ प्रशासन के संबंध में विस्तार से बात रखी। उन्होंने कहा जिला, तहसील, अनुविभाग प्रशासनिक सीमाओं के युक्तियुक्तिकरण के संबंध मे कोई सुझाव या प्रस्ताव जिला भेजना चाहता है, प्रशासनिक दक्षता कैसे बढ़े, इस संबंध में अपनी अनुशंसाए और सुझाव देना आदि पर विस्तार से बताया गया। इस दौरान प्रशासनिक ईकाईयों की पद संरचना और आकार पदो की आवश्यकता इनके युक्तियुक्तिकरण पर भी आपने विस्तारपूर्वक बात रखी।
मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष श्री एस.एन. मिश्रा ने जिले के नवाचारो के संबंध में कहा कि ‘संकट के साथी’ ग्रुप के माध्यम से लोगो को सहायता मिल रही है और ‘हेलमेट वितरण’ जैसे कार्यक्रम यदि रोड सेफ्टी में 50 प्रतिशत तक प्रभाव ला रहे हैं, तो यह अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि बच्चों और नवयुवकों के लिए आयोजित अनुगूंज, हेल्पलाइन जैसे प्रयास सीधे तौर पर सकारात्मक पहल हैं और ये निश्चित रूप से एक मील का पत्थर साबित होंगे।
अध्यक्ष श्री मिश्रा ने कहा कि इन नवाचारों को मुख्यालय स्तर पर और अधिक सशक्त तरीके से प्रचारित करने की आवश्यकता है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचे और अन्य जिले भी इस तरह की पहल को अपनाएं।
इस अवसर पर आयोग के सदस्य श्री मुकेश शुक्ला ने कहा राज्य में प्रशासनिक ईकाईयो के पुनर्गठन की आवश्यकता का अध्ययन किया जा रहा है, इस प्रक्रिया में नागरिक सुविधाओं, जन- अपेक्षाओं और क्षेत्र की भौगोलिक स्थिती को भी ध्यान में रखा जायेगा। उन्होने प्रस्ताव तैयार करने में क्या-क्या बाते ध्यान में रखी जानी है, आदि के संबंध मे विस्तार से प्रकाश डाला।
अयोग के सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह ने कहा पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाये, वह आम नागरिको की आवश्यकता के अनुरूप हो। श्री सिंह नें इस बात पर जोर दियाकि दक्षता कैसे बढ़े पर अपना सुझाव दे। उन्होने कहा केवल सीमाओं तक बात न की जायें।
सचिव श्री सिंह ने अधिकारियों से कहा ट्रेनिंग/ पोर्टल आदि पर चिंतन करें, दक्षता कैसे बढ़ सकती है, इस पर अधिकारी सुझाव दे सकते है। श्री सिंह नें ब्लॉक स्तर के अधिकारियों और अन्य मौजूद ब्लॉक/ ग्राम लेवल के कर्मचारियों से रूबरू होकर उनकी बाते, समस्याऍ और सुझाव भी सुने और नोट भी किया। साथ ही कहा एक व्हाट्सअप ग्रुप बनाया गया है, उसमें भी सुझाव आदि दिए जा सकते है, आवश्यक होने पर उनके मोबाईल नंबर पर कॉल किया जा सकता है।
बैठक में कलेक्टर श्री सुधीर कुमार कोचर ने कहा आज इस आयोजित प्रशिक्षण सह-उन्मुखीकरण कार्यशाला में जो जानकारी मिली है, ओरिएंटेशन अधिकारियों को दिया गया है, हम आभारी है। उन्होने कहा आज इस कार्यशाला में जो गाइडेंस दिया गया है, पूरी बात स्पष्ट हो गई है, जिला टाइमलाइन में गुणवत्ता युक्त प्रस्ताव भेजेगा। उन्होने पॉवर पाइंट प्रजेटेंशन के माध्यम से जिले में संचालित योजनाओं/ कार्यक्रमा उल्लेखनीय गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की।
बैठक के प्रारंभ में आयोग के अध्यक्ष श्री मिश्रा, सदस्य श्री शुक्ला एवं सचिव श्री सिंह का कलेक्टर श्री कोचर एवं पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी और एडिशनल कलेक्टर मीना मसराम और सीईओ जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे ने पौधा भेंटकर स्वागत किया। कार्यशाला में नोडल अधिकारी लोकसेवा प्रबंधक ने पी.पी.टी के माध्यम से पूर्ण जानकारी प्रस्तुत की।



