बुंदेली महोत्सव 2026 के पांचवें दिन आनंद व्यंजन मेले की धूम, स्वाददृसंस्कृतिदृप्रतिभा का अद्भुत संगम पूजा मलैया ने निर्देशन में चल रहीं महिला प्रतियोगिताएं
आनंद व्यंजन मेले की धूम,

दमोह। बुंदेली गौरव न्यास द्वारा आयोजित बुंदेली महोत्सव 2026 के पांचवें दिन मेले में उल्लास, उत्साह और संस्कृति का भव्य नजारा देखने को मिला। इस अवसर पर आयोजित आनंद व्यंजन मेला प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें प्रतिभागियों ने लगभग 30 स्टॉल लगाकर विविध भारतीय व्यंजन तैयार किए। इन व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए मेले में लोग पहुंचे इस मेले की प्रभारी खुशबू सुरेखा, नेहा बजाज, महिमा जैन रहीं। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को जनपद अध्यक्ष प्रीति राजू ठाकुर द्वारा सम्मानित किया गया। महिला प्रतियोगिताओं की प्रभारी पूजा मलैया एवं रोजी बग्गा ने जानकारी देते हुए बताया कि मेले के पहले दिन से ही महिलाओं से जुड़ी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं उत्साहपूर्वक भाग ले रही हैं। आगामी दिनों में भी महिलाओं के लिए कई रोचक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। शाम के सत्र में स्वाति गौर के निर्देशन में आयोजित स्वर श्री प्रतियोगिता के प्रतिभागियों ने अपनी गायन प्रतिभा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं बुंदेली मेला परिसर में विकास जैन के निर्देशन में पारंपरिक बुंदेली खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें कुर्सी दौड़, मेंढक दौड़ एवं लंगड़ी दौड़ शामिल रहीं। इन प्रतियोगिताओं में शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई उत्तर माध्यमिक विद्यालय एवं सांदीपनि विद्यालय के लगभग 100 छात्रदृछात्राओं ने सहभागिता की। लंगड़ी दौड़ (बालिका वर्ग) मोनिका प्रथम, कायनात द्वितीय, नितिशा तृतीय कुर्सी दौड़ लक्ष्मी रैकवार प्रथम, राशि राय द्वितीय, दीपावली अहिरवार तृतीय मेंढक दौड़ (बालिका वर्ग) रोशनी प्रथम, जरीना द्वितीय, निवेदिता तृतीय मेंढक दौड़ (बालक वर्ग)ः हर्ष प्रथम, विशाल द्वितीय, अनिकेत तृतीय कार्यक्रम के समापन अवसर पर विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गए। इससे पूर्व मेले में अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल, भाव सिंह लोधी एवं युवा समाजसेवी निशांत मलैया विशेष रूप से उपस्थित रहे। बुंदेली गौरव न्यास के उपाध्यक्ष कैप्टन वाधवा ने सभी नगरवासियों से अपील की कि वे परिवार सहित मेले में शामिल होकर बुंदेली संस्कृति, परंपरा और लोककलाओं का आनंद लें।

