
मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों के लिए नाबार्ड द्वारा आजीविका मिशन के सभा कक्ष में मार्केट लिंकेज विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सीएलएफ पदाधिकारियों एवं बैंक सखियों को समूहों के उत्पादों को बाजार से जोड़ने तथा बैंक लिंकेज के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा देने की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की शुरुआत आजीविका मिशन के स्टाफ द्वारा नाबार्ड के डीडीएम राजन तोमरी के स्वागत एवं समूहों की महिलाओं के अभिनंदन के साथ हुई। डीडीएम राजन तोमरी ने प्रशिक्षण के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बैंक लिंकेज के माध्यम से रोजगार शुरू करने और परिवार की आय बढ़ाने के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी।
हिरदेश सिंह ठाकुर ने एफओएम एवं नॉन-एफओएम सहित रोजगार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देते हुए समूह की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया। वहीं ब्लॉक प्रबंधक आजीविका मिशन धर्मेंद्र मिश्रा ने समूहों के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि महिलाएं स्थानीय संसाधनों के आधार पर हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार कर उन्हें नाबार्ड के माध्यम से बाजार से जोड़ सकती हैं। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।
इस अवसर पर नाबार्ड द्वारा बैंक लिंकेज में उत्कृष्ट कार्य एवं समूहों के भौतिक सत्यापन में योगदान के लिए रागिनी राय, वंदना मेहरा, आरती सोनी और नेहा सोनी को सम्मानित किया गया। वहीं सीएलएफ नेतृत्व के लिए नालेश्वर सीएलएफ की अध्यक्ष सुनीता सोनी को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में दीदी कैफे की बहनों द्वारा भोजन की व्यवस्था की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में अजय शुक्ला, दीपक सोनी, सहायक विकासखंड प्रबंधक दिनेश साहू सहित आजीविका मिशन के स्टाफ की सक्रिय भूमिका रही।



