कक्षा ग्यारहवीं की भूगोल में प्रयोगात्मक कार्य नामक पाठ्यपुस्तक में त्रुटियों का सुधार हुआ, वीरेन्द्र जैन विद्यार्थी केरबना जिला दमोह के प्रयासों को मिली सफलता

दमोह। कक्षा ग्यारहवीं की भूगोल की भूगोल में प्रयोगात्मक कार्य नामक पाठ्यपुस्तक में विगत अनेक वर्षों से अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा संबंधी मुख्य तथ्यों को विपरीत रूप में लिखा जाना और उसके आधार पर गलत अध्ययन अध्यापन होना उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान प्राप्त वीरेन्द्र जैन श्विद्यार्थीश् के संज्ञान में आया। गत वर्ष तक की उन पाठ्यपुस्तकों में बताया गया था कि मंगलवार को पूर्व दिशा में जाने वाले व्यक्ति के लिए अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा को पार करने पर बुधवार का दिन हो जाएगा जबकि सही बात यह है कि सोमवार का दिन हो जाएगा तथा मंगलवार को पश्चिम दिशा में जाने वाले व्यक्ति के लिए अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा को पार करने के बाद सोमवार का दिन हो जाएगा जबकि सही बात यह है कि बुधवार का दिन हो जाएगा।
विगत वर्ष आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय दमोह के भूगोल विषय से संबंधित प्रोफेसरों और डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर के भूगोल विषय के प्रोफेसरों से उपरोक्त संबंध में चर्चाएँ हुईं जिसमें पूर्व वार्णित त्रुटियों का होना स्वीकार किया गया। शिक्षण सत्र 2025-26 में मध्यप्रदेश राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल और एन.सी.ई.आर. टी. नई दिल्ली को उपरोक्त त्रुटियों के संबंध में वीरेन्द्र जैन श्विद्यार्थीश् द्वारा जानकारी दी गई थी एवं संशोधन करने संबंधी आवश्यक सुझाव तथा लेख आदि प्रेषित किये गये थे, किंतु त्रुटियाँ दूर नहीं हो सकीं। अनेक प्रयासों के पश्चात वर्तमान सत्र 2026-27 में प्रचलित संबंधित पाठ्यपुस्तकों में उपरोक्त त्रुटिपूर्ण तथ्यों को सुधार दिया गया है। इस प्रकार संशोधित विषयवस्तु से विद्यार्थियों और शिक्षकों को अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा संबंधी सत्य तथ्यों का बोध होगा और प्रयोगात्मक कार्य करके सीखने हेतु प्रेरणा मिलेगी। श्री वीरेन्द्र जैन विद्यार्थी ने सभी मार्गदर्शकों एवं एनसीटीई का आभार व्यक्त किया है।




