मध्यप्रदेश शिक्षक का तीन दिवसीय कार्यकर्ता अभ्यास वर्ग महाकाल की नगरी उज्जैन में सम्पन्न

दमोह जिले से महेंद्र कुमार जैन, कमलेश सेन, महेश गुप्ता एवं श्रीमती दीपमाला जैन ने सहभागिता की
दमोह। मध्यप्रदेश शिक्षक संघ का तीन दिवसीय दिनांक 26, 27, 28 जून 2026 को महाकाल की नगरी उज्जैन के श्री विक्रमादित्य विद्या भारती भवन में सम्पन्न हुआ। खिल भारतीय संगठन मंत्री श्री महेंद्र कपूर जी भाईसाब की गरिमामयी उपस्थिति में संपूर्ण प्रदेश से अपेक्षित अखिल भारतीय पदाधिकारी, प्रांतीय संगठन मंत्री, प्रांतीय पदाधिकारी, आयाम प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रमुख, संभाग व जिला के अध्यक्ष सचिव कोषाध्यक्ष संगठन मंत्री एवं महिला उपाध्यक्ष सहित कुल 157 पदाधिकारियों ने सहभागिता की। अभ्यास वर्ग का मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं ओर संगठन को वैचारिक, संगठनात्मक ओर क्रियात्मक रूप से सशक्त बनाना है। प्रांतीय अभ्यास वर्ग में विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई, जिसमें अभ्यास वर्ग का महत्व, वर्तमान परिवेश ओर विमर्श, कार्यकर्ता निर्माण ओर कर्तव्य, हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ, शिक्षकीय कर्तव्य, कार्यकर्ता के नियमित ओर नैमेतिक कर्तव्य, पंच परिवर्तन से समाज परिवर्तन एवं संत रविदास जी के 650 वां प्राकट्य वर्ष ओर भारतीय समाज सहित अनेक विषयों पर चर्चा हुई। उक्त विषय प्रवर्तन हेतु अभ्यास वर्ग में श्री महेंद्र कपूर अखिल भारतीय संगठन मंत्री जी, श्री गुंथा लक्ष्मण जी अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री, श्री अनिल जी डागा प्रांत संपर्क अधिकारी, श्री हिम्मत सिंह जी जैन प्रांतीय संगठन मंत्री, श्री हीरालाल तिरोले जी प्रांतीय सहसंगठन मंत्री, श्री राजीव शर्मा जी प्रांतीय सहसंगठन मंत्री, श्री संजय राउत जी अखिल भारतीय कोषाध्यक्ष एवं प्रांतीय अध्यक्ष डॉ श्री क्षत्रवीर सिंह जी राठौर एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांतीय सहकार्यवाह मालवा प्रांत श्रीमान रघुवीर सिंह जी का पाथेय प्राप्त हुआ। संत रविदास जी के 650 वें प्राकट्य वर्ष पर श्री रघुवीर सिंह जी ने कहा कि मुगलकाल में भी हमारे देश में अनेक संत हुए जिन्होंने हिंदू संस्कृति व धर्म की रक्षा के लिए त्याग ओर बलिदान दिए। संत प्रेमानंद जी ने श्री रविदास जी के उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए उनकी भेंट संत श्री रामानंद जी से कराई। जहां पर संत श्री रामानंद जी ने संत श्री रविदास जी को अपना शिष्य के रूप में दीक्षित किया। आप गृहस्थ रहते हुए एक संत के रूप में पूजनीय हुए। संत श्री रविदास जी को चितौड़ की झाली रानी ने अपना गुरु बनाकर संत रविदास जी को उनकी पत्नी सहित अपने राज्य में राजकीय सम्मान के साथ एक माह तक सेवा की। प्राचीन काल में भारत में चार वर्णों की व्यवस्था समाज में विद्यमान रही प्रत्येक वर्ण अपने गुण ओर कार्य के आधार पर, वर्ण निर्धारण होता था, जिसमें जन्म को कभी भी आधार बनाने का उल्लेख नहीं है। परन्तु हिंदुओं को आपस में भेदभाव की खाई बनाने के लिए वर्तमान की इस विकृत वर्ण व्यवस्था का विमर्श लागू हुआ। जब मुगलकाल में धर्म परिवर्तन कराने के लिय अत्याचार किए जाते थे तब संत रविदास जी ने किसी दबाव ओर भय में बिना आए अपने हिंदू धर्म को अपने प्राणों के समान कहा। अभ्यास वर्ग के अंतिम सत्र समापन सत्र में श्री महेंद्र कपूर जी के साथ ही प्रांतीय अध्यक्ष श्री राठौर जी के संबोधन के बाद उज्जैन इकाई के सभी कार्यकर्ताओं के सम्मान के साथ अभ्यास वर्ग का समापन हुआ। आभार प्रदर्शन प्रांतीय महामंत्री श्री राकेश गुप्ता जी द्वारा किया गया। प्रांतीय अभ्यास वर्ग उज्जैन में दमोह जिले से प्रांतीय उपाध्यक्ष महेंद्र कुमार जैन, जिलाध्यक्ष श्री कमलेश सेन, जिला सचिव श्री महेश गुप्ता एवं जिला महिला उपाध्यक्ष श्रीमती दीपमाला जैन ने सहभागिता कर संगठन की रीति नीति सहित विभिन्न विषयों पर अपनी समझ विकसित की।


