
डेंगू जागरूकता अभियान के अंतर्गत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राकेश राय के निर्देशन में जिला मलेरिया कार्यालय, दमोह द्वारा जिले के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को मच्छरजनित बीमारियों से बचाव एवं रोकथाम के उपायों की जानकारी दी गई।
दमोह शहर के रामकुमार शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में जिला मलेरिया कार्यालय की टीम ने विद्यार्थियों को डेंगू एवं मलेरिया के कारण, लक्षण, बचाव तथा नियंत्रण के उपायों के बारे में विस्तार से बताया। इसके अलावा जिले के विभिन्न विकासखंडों में मलेरिया निरीक्षकों द्वारा विद्यालयों में पहुंचकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
अभियान के तहत विकासखंड तेंदूखेड़ा के शासकीय प्राथमिक शाला देवरीखेड़ा, सब सेंटर कुदपुरा, शासकीय बालक माध्यमिक शाला तेंदूखेड़ा, शासकीय प्राथमिक शाला कछार धनगौर एवं शासकीय प्राथमिक शाला समदई में विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। वहीं विकासखंड हिंडोरिया के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला अभाना एवं इमलियाघाट तथा विकासखंड पटेरा के एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला सतरिया में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया गया कि डेंगू और मलेरिया मच्छरों से फैलने वाली गंभीर बीमारियां हैं। इनसे बचाव के लिए स्वच्छता और सतर्कता बेहद जरूरी है। विद्यार्थियों को मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान, पानी जमा होने से रोकने और मच्छरों की संख्या नियंत्रित करने के प्रभावी उपायों की जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विद्यार्थियों को घर एवं आसपास साफ-सफाई रखने, पानी के पात्रों, कूलर और टंकियों की नियमित सफाई करने, अनावश्यक जलभराव रोकने, मच्छरदानी का उपयोग करने, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने तथा बुखार आने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की सलाह दी।
जिला मलेरिया अधिकारी यामिनी सिलारपुरिया ने बताया कि जागरूकता अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों के माध्यम से परिवार और समुदाय तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाना है, जिससे डेंगू एवं मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों की प्रभावी रोकथाम की जा सके। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता और सतर्कता से ही इन बीमारियों के प्रसार को नियंत्रित किया जा सकता है।

