नरवाई में आग लगाने पर हुई FIR दर्ज नरवाई में आग लगाने से मिट्टी बंजर, अनुउपजाऊ तथा पर्यावरण प्रदूषण जैसे होते हैं अनेक नुकसान कृषक बंधुओं से अपील : नरवाई में आग न लगाएं, नरवाई प्रबंधन की विभिन्न विधियॉं अपनाऍं
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार कोचर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत 06 मार्च 2026 को जिले की राजस्व सीमा में नरवाई में आग लगाने पर पूर्णत: प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया हैं।
ग्राम सतपारा के किसान द्वारा जिला दण्डाधिकारी श्री सुधीर कुमार कोचर द्वारा जारी भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 अंतर्गत जारी प्रतिबंधात्मकक आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में संबंधित के विरूद्ध BNS की धारा 223B एवं धारा 326F के अंतर्गत पुलिस थाना पथरिया में प्रथम सूचना रिपोर्ट (प्राथमिकी) दर्ज की गई।
उल्लेखनीय है जिले के ग्राम सतपारा विकासखण्ड पथरिया के किसान तुलसी कुर्मी द्वारा अपने खेत में गेंहू की नरवाई में आग लगाई थी। आग के उड़ने के कारण कृषक राजकुमार कुर्मी, ज्ञानी साहू, तातू यादव के गेंहू की खेत में लगी नरबाई में आग लगने से तातू यादव के खेत में रखा भूसा करीब 8 ढेर, साक्षी राजकुमार कुर्मी के खेत में रखे 40 पाईप, विद्युत डोरी, पानी की मोटर एवं 4 टॉली भूसा एवं ज्ञानी साहू के खेत में रखे 10 प्लाटिक के पाईप, विद्युत जल जाने से आरोपी पिंटू उर्फ तुलसी कुर्मी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई।
गौरतलव हैं कि, फसल अवशेष/ पराली/ नरवाई में आग लगाने से मृदा में पाये जाने वाले लाभदायक सुक्ष्मा जीव जलकर नष्ट हो जाते है जिससे मृदा की उपजाऊ क्षमता खराब हो जाती है एवं मिटृी की आंत तथा किसान के मित्र कहे जाने वाले केंचुआ जलकर नष्ट हो जाते है, भूमण्डलीय ताप बढ़ रहा है जिस कारण से बहुत सारी प्रजातियां विलुप्त हो रहीं है तथा मानव एवं पशुओं के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है ।
नरवाई में आग लगाने पर कृषकों के विरूद्ध अर्थदण्ड की कार्यवाही एवं विभिन्न योजनाओं से वंचित किया जा सकता हैं। कृषक जिनके पास 02 एकड़ से कम जमीन है, उन्हें 2500/- रू प्रति घटना पर्यावरण क्षति पूर्ति अर्थदण्ड देय होगा। कृषक जिनके पास 02 एकड़ से अधिक एवं 05 एकड़ से कम जमीन है, उन्हे 5000/- रूपये प्रति घटना अर्थदण्ड देय होगा। कृषक जिनके पास 05 एकड़ से अधिक जमीन है उन्हे 15000/- रूपये प्रति घटना अर्थदण्ड देय होगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि एवं समर्थन मूल्य पर उपार्जन जैसी योजनाओं से भी वंचित किया जा सकता हैं।
किसान बंधुओं से अपील की गई हैं कि नरवाई में आग न लगाएं तथा नरवाई प्रबंधन की विभिन्न विधियॉ जैसे- स्ट्रा रीपर का उपयोग कर नरवाई से भूसा बनाना, बायोडीकम्पोजर का उपयोग कर खेत में ही नरवाई विघटित कर जैविक खाद बनाना, सुपर सीडर से सीधे बुवाई करना, कम्बाईन हार्वेस्टार में स्ट्रा मैनेजमेन्ट सिस्टम लगवाना, ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई करना, रोटावेटर चलवाना आदि विधियों में से किसी एक विधि का उपयोग कर नरवाई को प्रबंधित किया जा सकता हैं।
