जनसहयोग एवं सामाजिक सहभागिता के माध्यम से यह प्रयास किया जाये कि होलिका दहन में लकड़ी की जगह उपलों और गौकाष्ठ का प्रयोग किया जाये-कलेक्टर श्री कोचर आगामी दिनों में निर्धारित तिथि या अवधि में सभी जिला मुख्यालयों में जिला स्तरीय सम्मान समारोह आयोजित किया जायेगा मुख्यमंत्री जी की ओर से तैयार किया गया पर्यावरण संरक्षण संबंधित प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जायेगा
जनसहयोग एवं सामाजिक सहभागिता के माध्यम से यह प्रयास किया जाये कि होलिका दहन में लकड़ी की जगह उपलों और गौकाष्ठ का प्रयोग किया जाये-कलेक्टर श्री कोचर आगामी दिनों में निर्धारित तिथि या अवधि में सभी जिला मुख्यालयों में जिला स्तरीय सम्मान समारोह आयोजित किया जायेगा मुख्यमंत्री जी की ओर से तैयार किया गया पर्यावरण संरक्षण संबंधित प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जायेगा
दमोह : इस वर्ष पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संदेश के साथ आने वाले होली के पावन पर्व को मनाये जाने पर नागरिकों को प्रोत्साहित करने का निर्णय राज्य शासन द्वारा लिया गया है। जिला कलेक्टर्स को स्वच्छता और स्वस्थ होली के इस अभियान का क्रियान्वन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा आपसी मतभेदों को मिटाकर भाईचारे, सामाजिक एकता और हर्षोल्लास के साथ होली का त्यौहार मनाने के लिये जन सामान्य को प्रोत्साहित किया जाये।कलेक्टर श्री कोचर ने कहा जनसहयोग एवं सामाजिक सहभागिता के माध्यम से यह प्रयास किया जाये कि होलिका दहन में लकड़ी की जगह उपलों और गौकाष्ठ का प्रयोग किया जाये, साथ ही पर्यावरण संरक्षण और पानी बचाने के लिये प्राकृतिक व हर्बल रंगों से होली खेलने तथा पशु-पक्षियों पर रंग न डालने के संकल्प के साथ हुडदंग से दूर रहकर भाईचारे के साथ होली का उत्सव बनाने के लिये प्रोत्साहित किया जाये। विशेष रूप से लकड़ी की जगह उपलों और गौकाष्ठ के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिये कार्यवाही की जाये। उन्होंने कहा जिले में विभिन्न स्तरों पर आयोजित किये जाने वाले सार्वजनिक होलिका दहन कार्यक्रमों का नि:शुल्क पंजीयन कराये जाने की व्यवस्था की जाये, यह पंजीयन सभी जिला मुख्यालयों में पंचायत तथा अन्य स्थानों पर तहसील तथा नगरीय निकायों के माध्यम से पूर्णत: नि:शुल्क किया जाये, पंजीयन करने के लिये जिला स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार एवं सूचना प्रसार किया जाये, नगरी निकायों एवं पंचायती राज संस्थाओं को इस कार्य में सम्मिलित किया जाये। पंजीयन के समय आयोजक संस्था की संक्षिप्त जानकारी जैसे पदाधिकारी संपर्क नंबर इत्यादि प्राप्त किया जाये। होलिका दहन के दिन मैदानी अमले के साथ इन संस्थाओं द्वारा आयोजित सार्वजनिक होलिका दहन आयोजनों का भ्रमण कर जलाऊ एवं इमारती वनों की लकड़ी के स्थान पर गौकाष्ठ आधारित होलिका दहन की प्रोत्साहित किया जाये, होलिका दहन का आयोजन पूर्ण रूपेण गौकाष्ठ आधारित होने के आगामी दो तीन दिवस में संबंधित नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के संबंधित अधिकारी, कर्मचारी द्वारा अपने प्रतिवेदन में इसका प्रमाणीकरण कर जिला कलेक्टर को प्रतिवेदन प्रेषित किया जाये। जिला कलेक्टर जिले में इस प्रकार के गौकाष्ठ आधारित होलिका दहन आयोजना का सूचीकरण करेंगे। राज्य शासन के निर्देशानुसार आगामी दिनों में निर्धारित तिथि या अवधि में सभी जिला मुख्यालयों में जिला स्तरीय सम्मान समारोह आयोजित किया जायेगा, जिसमें ऐसी सभी संस्थाओं एवं उनके पदाधिकारी को मुख्यमंत्री जी की ओर से तैयार किया गया पर्यावरण संरक्षण संबंधित प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जायेगा। राज्य शासन के द्वारा ऐसी संस्थाओं को भविष्य में अन्य किसी प्रकार से प्रोत्साहन या सहयोग दिया जाना हो तो इस बारे में भी प्राथमिकता दी जायेगी।

