गृह भेंट कर स्वच्छता, हाथों की सफाई और संतुलित खानपान के बारे में दी जा रही समझाईश
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राकेश राय ने बताया कि बरसात के मौसम में बच्चों को डायरिया एवं अन्य संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रखने तथा उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने के उद्देश्य से दस्तक अभियान के अंतर्गत पात्र बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाई जा रही है। वहीं दस्त की रोकथाम, निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) से बचाव एवं समय पर उपचार के लिए परिवारों को ओआरएस के पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा आवश्यकता अनुसार जिंक की गोलियां दी जाकर उनके सही उपयोग की जानकारी भी दी जा रही है। इसके साथ ही स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, हाथों की सफाई और संतुलित खानपान अपनाने के संबंध में भी परामर्श दिया जा रहा है, ताकि बच्चे स्वस्थ एवं सुरक्षित रह सकें।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. विक्रांत चौहान ने अभिभावकों से आग्रह किया है कि दस्तक दल जब आपके घर पहुचे तो आप सुनिश्चित करें कि आपके परिवार के सभी 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिला दी गई है।
विटामिन–ए मजबूत प्रतिरोधक क्षमता और स्वस्थ बचपन की नींव
डॉ. चौहान ने बताया कि विटामिन-ए बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने, आंखों की रोशनी को सुरक्षित रखने तथा शरीर की सामान्य वृद्धि एवं विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह खसरा, डायरिया एवं अन्य संक्रमणों की गंभीरता को कम करने में भी सहायक है।
स्वच्छता अपनाएं, संक्रामक रोगों से सुरक्षा पाएं
दस्तक दल द्वारा गृह भेंट कर परिवारजनों को समझाईश दी जा रही है कि, बारिश के दिनों में विशेषकर साफ-सफाई अपनाकर डायरिया एवं अन्य संक्रामक बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है। भोजन बनाने और बच्चों को खिलाने से पहले तथा शौच के बाद साबुन से हाथ धोना, केवल स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल का उपयोग करना, भोजन को ढॅककर रखना, घर एवं आसपास साफ-सफाई बनाए रखना तथा खुले में शौच से बचना संक्रमण की संभावना को काफी कम करता है। यदि बच्चे को दस्त हो जाए तो उसका भोजन या स्तनपान बंद न करें, बल्कि ओआरएस देते रहें और आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
