पोषण भी पढ़ाई भी कार्यक्रम अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा सुदृढ़ीकरण हेतु क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण आयोजित दमोह शहरी, ग्रामीण एवं पथरिया की अप्रशिक्षित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिला विशेष प्रशिक्षण सक्षम आंगनबाड़ी एवं मिशन पोषण 2.0 के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

परियोजना दमोह शहरी अंतर्गत पोषण भी पढ़ाई भी कार्यक्रम में अंतर्गत 0 से 3 वर्ष के बच्चों में प्रारंभिक बाल्यावस्था उद्दीपन एवं तीन से 6 वर्ष के लिए प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा के सुदृढ़ीकरण हेतु सक्षम आंगनबाड़ी एवं मिशन पोषण 2.0 के तहत क्षमता संवर्धन हेतु परियोजना दमोह शहरी, दमोह ग्रामीण एवं पथरिया की अप्रशिक्षित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। अर्ली चाइल्डहुड केयर एवं एजुकेशन पाठ्यक्रम एवं शैक्षणिक दृष्टिकोण की बुनियादी समझ विकसित करने के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को विकास के आयाम के मूल्यांकन में क्षमता वृद्धि कर सक्षम बनाने के उद्देश्य पोषण भी पढ़ाई भी कार्यक्रम अंतर्गत तीन दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया पोषण भी पढ़ाई भी प्रशिक्षण अंतर्गत आधारशिला एवं नव चेतना को क्रियान्वित करने के संबंध में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण का आयोजन परियोजना दमोह शहरी में 03 जून तक किया गया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मास्टर ट्रेनर्स पर्यवेक्षक द्वारा प्रशिक्षण दिया गया साथ में विषय विशेषज्ञों के रूप में अजीम जी प्रेमजी फाउंडेशन से रिसोर्स पर्शेन द्वारा विशेष सहयोग प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के प्रथम दिवस पढ़ाई के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें आधारशिला 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए विकासात्मक क्षेत्र का परिचय दिया गया, प्रारंभिक बाल शिक्षा के महत्व पर सामूहिक चर्चा की गई एवं बच्चों की आकांक्षाओं को समझने के लिए सामूहिक गतिविधियां भी आयोजित की गई आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को संज्ञानात्मक और सामाजिक भावनात्मक क्षेत्र से संबंधित स्मृति खेल आयोजित किए गए भौतिक विकास रचनात्मक सौंदर्य भाषा व साक्षरता विकासात्मक मील के पत्थर से संबंधित गतिविधियों का आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण का द्वितीय दिवस पोषण से संबंधित था जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 5 वर्ष तक के बच्चों में कुपोषण के प्रबंधन के लिए प्रोटोकॉल सेम मेम और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी के संबंध में सत्र के आयोजन किए गए, जिसमें स्वस्थ बच्चे और मानव जीवन चक्र में पोषण की भूमिका के बारे में चर्चा की गई और वीडियो सांझा किए गए पोषण परामर्श पर नाटिका भी प्रस्तुत की गई विकास निगरानी और पोषण ट्रैकर के संबंध में जानकारी प्रदाय की गई बाल विकास में माता-पिता और समुदाय को शामिल करने का महत्व बताया गया, बच्चों के लिए सुरक्षा एवं संरक्षण के संबंध में गतिविधियों का आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण का तृतीय दिवस पोषण भी पढ़ाई भी थीम पर आधारित था, जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिव्यांग बच्चों की जांच समावेश केस स्टडी व समावेशन से संबंधित गतिविधियां आयोजित की गई जन्म से 3 वर्ष तक के बच्चों के लिए देखभाल के लिए पोषण पर समूह चर्चा संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया गया, जीरो से 03 वर्ष के बच्चों के लिए चुनौतियां और रूढ़ियों पर समूह चर्चा की गई। आंगनबाड़ी के बच्चों के सीखने एवं मूल्यांकन पर समूह चर्चा की गई। विभिन्न मूल्यांकन उपकरण और तकनीक मासिक अनौपचारिक शिक्षा एवं बाल पोर्टफोलियो पर समूह चर्चा हुई।
उक्त प्रशिक्षण महिला बाल विकास की पर्यवेक्षक नीति रजक द्वारा दिया किया गया अजीम जी प्रेमजी फाउंडेशन से दीप पांडे एवं गीतेश द्वारा प्रशिक्षण में विषय विशेषज्ञ के रूप में विशेष सहयोग प्रदान किया गया। महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी सुलेखा ठाकुर द्वारा बताया गया कि पोषण भी पढ़ाई भी कार्यक्रम अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का यह प्रशिक्षण बच्चों में प्रारंभिक बाल्यावस्था उद्दीपन एवं प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा के सुदृढ़ीकरण हेतु बहुत ही महत्वपूर्ण है।



