15 दिन में भुगतान व कार्यों में प्रगति लाये अन्यथा ठेका निरस्त करने की कार्यवाही की जाए-राज्यमंत्री श्री पटेल पथरिया, बटियागढ़, दमोह और हटा क्षेत्र की 350 गांवों की पेयजल परियोजना पर राज्यमंत्री श्री पटेल ने की नाराजगी व्यक्त परियोजना स्थल निरीक्षण के बाद अधिकारियों और निर्माण एजेंसियो की बैठक बुलाई गई समीक्षा कर दिया गया सख्त संदेश

प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन पेयजल परियोजना में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्यकारी एजेंसी को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए हैं। राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा पथरिया, बटियागढ़ विकासखंड के साथ-साथ दमोह और हटा क्षेत्र के कुछ हिस्सों को जोड़ने वाली पेयजल परियोजना में सीतानगर एवं पंचमनगर से जल आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है। यह परियोजना लगभग 350 गांवों को पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई है। उन्होंने कहा हाल ही में किए गए निरीक्षण के दौरान पाया गया कि परियोजना का कार्य अभी भी अधूरा है, जबकि कार्यकारी एजेंसी का निर्धारित कार्यकाल समाप्त हो चुका है और उसे समय विस्तार (एक्सटेंशन) भी दिया जा चुका है। इसके बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी है। श्री पटेल ने कार्यकारी एजेंसी को सख्त हिदायत दी, कार्य में देरी और कोताही बर्दास्त नहीं की जायेगी।
राज्यमंत्री श्री पटेल ने निरीक्षण के बाद अधिकारियों और संबंधित एजेंसी के साथ बैठक की, जिसमें कार्यकारी एजेंसी ने भुगतान संबंधी समस्याओं को कार्य में देरी का प्रमुख कारण बताया। इस पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 15 दिनों के भीतर भुगतान और अन्य लंबित प्रशासनिक प्रक्रियाओं का निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा यदि निर्धारित अवधि में स्थिति में सुधार नहीं होता है तो संबंधित एजेंसी से अंतिम चर्चा कर उसके ठेके को निरस्त करने की कार्रवाई की जाए।
राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा अगले एक से दो सप्ताह के भीतर पुनः समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक जयंत मलैया भी उपस्थित रहेंगे, क्योंकि उनके विधानसभा क्षेत्र के गांव भी इस परियोजना से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा यह योजना गर्मी के मौसम में शुरू हो जानी चाहिए थी, लेकिन लगातार देरी के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया कि सभी बाधाओं को दूर करते हुए परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण सुनिश्चित कराया जाए। बैठक में जल निगम के महाप्रबंधक गौरव सराफ खासतौर पर मौजूद रहे।

