टी.बी. से सुरक्षा के लिए निःशुल्क स्क्रीनिंग सेवा का लाभ उठाऍ
टी.बी. से सुरक्षा के लिए निःशुल्क स्क्रीनिंग सेवा का लाभ उठाऍ
दमोह :
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के.अठया के मार्गदर्शन में टी.बी. मुक्त भारत अभियान के तहत संवेदनशील और उच्च जोखिम समूह में टी.बी. स्क्रीनिंग एवं जांच नवीनतम् ए.आई. तकनीकी युक्त हाथ से संचालित एक्स-रे मशीन एवं सी.बी. नॉट, ट्रू नॉट मशीन से बलगम जांच निःशुल्क की जा रही है।
सर्तकता और समय–समय पर जांच जरूरी है, क्योंकि…
डॉ. अठया ने बताया कि टी.बी. एक संक्रामक बीमारी है, जिसकी समय पर पहचान और उपचार से पूर्णतः ठीक किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सामान्य लोगों की तुलना में निम्नानुसार वर्गों को टी.बी. होने का जोखिम अधिक होता है। इसलिए सावधानी बरतने और नियमित रूप से स्क्रीनिंग कराना जरूरी है। आपके सहयोग से टी.बी. रोकथाम संभव है।
टी.बी. संक्रमण उच्च जोखिम वर्ग
डॉ. अठया ने बताया कि टी.बी. संक्रमण उच्च जोखिम वर्ग यथा टी.बी. मरीज के संपर्क में रहने वाले, कुपोषण से जूझ रहे लोग, पिछले 5 वर्षों में टी.बी. से ठीक हुए मरीज, एच.आई.व्ही. से पीड़ित, डायबिटीज से ग्रस्त, 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग, लंबे समय से धूम्रपान अथवा शराब का सेवन करने वाले, भीड़-भाड़ वाले स्थानों व स्लम एरिया में निवास करने वाले वर्गों में टी.बी. संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ऐसे लोगों को विशेष सर्तकता बरतते हुए नियमित रूप से जांच कराना अत्यंत आवश्यक है।
डॉ. अठया ने आमजनों से आग्रह किया है कि अपने एवं संपर्क में रहने वाले परिजनों-परिचितों की सुरक्षा के लिए टी.बी. की जांच अवश्य करायें। जिला क्षय इकाई केन्द्र दमोह अथवा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हटा, पटेरा, तेन्दूखेड़ा, जबेरा, बटियागढ़, हिण्डोरिया एवं पथरिया के सीबीएमओं से निःशुल्क जांच के लिए संपर्क करें।
निक्षय मित्र बनें, टी.बी. मुक्त भारत बनाने में सहयोग करें
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के.अठया ने समाज के जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों, संस्था एवं स्वयं सेवी संगठनों से आग्रह किया है कि टी.बी. उन्मूलन अभियान को सफल बनाने में निक्षय मित्र बनें। निक्षय मित्र बनकर आप किसी क्षय रोगी को गोद ले सकते है। और उसे पोषण संबंधी सहायता, मानसिक और सामाजिक सहयोग दे सकते है। इच्छुक व्यक्ति अथवा संस्था जिला क्षय इकाई दमोह से संपर्क करें।
