तिमाही लक्ष्य तय कर करें ऋण स्वीकृति, अंतिम समय के दबाव से बचें- कलेक्टर श्री यादव कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बैंकर्स से कहा शासन की प्राथमिकताओं को बनाएं अपनी प्राथमिकता जिले में आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार योजनाओं को गति देने पर जोर सीएम हेल्पलाइन की अनदेखी पर नोटिस जारी , उत्कृष्ट प्रदर्शन पर पीएनबी सहित कई बैंकों की सराहना

जिला कलेक्टर प्रताप नारायण यादव की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी बैंकर्स, विभिन्न विभागों के अधिकारियों तथा वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में शासकीय योजनाओं के तहत स्वरोजगार, ऋण वितरण, बैंकिंग सेवाओं तथा सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की विस्तृत समीक्षा की गई।
कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि बेरोजगार युवाओं, स्वरोजगार के इच्छुक हितग्राहियों और पात्र आवेदकों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने बैंकर्स को निर्देश दिए कि विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का शीघ्र परीक्षण कर ऋण स्वीकृत किए जाएं, ताकि हितग्राही अपना व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकें तथा जिले के आर्थिक विकास में योगदान दे सकें।
बैठक में प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, मुद्रा योजना, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, डॉ. भीमराव अंबेडकर स्वरोजगार योजना, संत रविदास स्वरोजगार योजना, भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना एवं टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
सीएम हेल्पलाइन मामलों में लापरवाही पर जताई नाराजगी
बैठक के दौरान सीएम हेल्पलाइन से संबंधित शिकायतों की समीक्षा में कई गंभीर तथ्य सामने आए। कलेक्टर ने पाया कि बैंकों से संबंधित 24 आवेदन ऐसे थे जिन्हें संबंधित बैंक अधिकारियों ने खोला तक नहीं था। इस स्थिति पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित बैंकर्स को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में शिकायतों के निराकरण में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना सभी विभागों और बैंकों की जिम्मेदारी है। बैंकिंग शिकायतों में वृद्धि रोकने और लंबित मामलों के निराकरण के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
तिमाही आधार पर लक्ष्य पूरे करने की सलाह
कलेक्टर ने बैंकर्स को सलाह दी कि वे अपने वार्षिक लक्ष्यों को तिमाही आधार पर विभाजित करें और प्रत्येक तिमाही में निर्धारित अनुपात के अनुसार ऋण स्वीकृत करें। इससे वर्ष के अंतिम महीनों में कार्यभार का दबाव कम होगा और हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं को बैंक अपनी प्राथमिकता मानें और योजनाओं के लक्ष्यों की पूर्ति में सक्रिय भूमिका निभाएं।
अच्छा प्रदर्शन करने वाले बैंकों की सराहना
बैठक में कुछ बैंकों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की भी सराहना की गई। कलेक्टर श्री यादव ने बताया कि पंजाब नेशनल बैंक (PNB) सहित कुछ अन्य बैंकों ने निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति में उल्लेखनीय कार्य किया है। विशेष रूप से अंत्यव्यवसायी योजना के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य 100 प्रतिशत से अधिक पूरे किए गए हैं, जिसके लिए संबंधित बैंक अधिकारियों को बधाई एवं धन्यवाद दिया गया। उन्होंने कहा कि जिन बैंकों ने बेहतर कार्य किया है, उनके अनुभवों को अन्य बैंक भी अपनाएं ताकि जिले में स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।

