निर्माण कार्य में अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी-राज्यमंत्री श्री पटेल 342 ग्रामों को मिलेगा शुद्ध पेयजल अगले वर्ष तक इन टंकियों से लोगों को पेयजल उपलब्ध होगा- विधायक श्री मलैया राज्यमंत्री लखन पटेल, विधायक जयंत मलैया ने बेबस सुनार-2 समूह जल प्रदाय योजना का किया निरीक्षण

ग्रामीण अंचलों में शुद्ध एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित बेबस सुनार-2 समूह जल प्रदाय योजना का निरीक्षण आज प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री लखन पटेल एवं दमोह विधायक जयंत मलैया द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान परियोजना अंतर्गत निर्मित किए जा रहे इंटेक वेल एवं जल शोधन संयंत्र का अवलोकन कर कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान संबंधित ठेकेदार को निर्माण कार्य में गति लाते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया गया कि निर्माण कार्य में अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
डेम और वाटर सप्लाई से संबंधित कार्य निर्धारित गति से नहीं चल रहा है तथा परियोजना का तय समय भी लगभग समाप्त हो चुका है। एक बार समय विस्तार दिया जा चुका है। अधिकारियों से परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा और स्पष्ट किया कि यदि कार्य में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो संबंधित एजेंसी का अनुबंध समाप्त कर दूसरी एजेंसी से कार्य कराया जाएगा। इस आशय की बात प्रदेश पशुपालन एवं डेयरी विभाग के राज्यमंत्री लखन पटेल ने सीतानगर डेम एवं उससे जुड़ी जल प्रदाय परियोजना के निरीक्षण के दौरान कही।
राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा कि आगामी गर्मी तक हर हाल में क्षेत्र के लोगों को पेयजल उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि परियोजना के अंतर्गत लगभग 180 गांव शामिल हैं, जबकि करीब 100 गांवों का कार्य दूसरी एजेंसी के पास है। सभी एजेंसियों को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
दमोह विधायक जयंत मलैया ने कहा कि सीतानगर डेम तथा बेबस-सुनार-2 परियोजना के विभिन्न निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सबसे पहले डेम स्थल, उसके बाद इंटेक वेल तथा फिल्टर प्लांट का अवलोकन किया गया। उन्होंने कहा कि इंटेक वेल का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है तथा फिल्टर प्लांट से शुद्ध जल ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होने कहा परियोजना के अंतर्गत कुल 13 जल टंकियां प्रस्तावित हैं, जिनमें से 11 टंकियों पर वर्तमान में निर्माण कार्य चल रहा है। अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई है कि आगामी दिसंबर तक सभी टंकियों का निर्माण पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके साथ ही टंकियों से गांवों तक पेयजल पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अगले वर्ष क्षेत्र के लोगों को नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध होने लगेगा।
विधायक श्री मलैया ने कहा कि इमलाई क्षेत्र के ग्रामीणों ने भी अपनी पेयजल संबंधी समस्याएं रखीं। इस पर अधिकारियों ने जानकारी दी कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) द्वारा निर्मित जल योजना के माध्यम से इमलाई सहित अन्य क्षेत्रों को आवश्यकतानुसार पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाएगा। विभाग द्वारा निर्मित टंकियों के माध्यम से जरूरत के अनुसार जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
यह परियोजना क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण बहु-ग्राम जल प्रदाय योजना है, जिसके अंतर्गत कुल 342 ग्रामों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित है। योजना के माध्यम से जिला दमोह की तीन विधानसभा क्षेत्रों – दमोह, हटा एवं पथरिया के ग्रामों को पेयजल आपूर्ति की जाएगी, वहीं जिला छतरपुर की बिजावर विधानसभा के ग्राम भी इस योजना से लाभान्वित होंगे। जिसमें दमोह विधानसभा 37 ग्राम, हटा विधानसभा 108 ग्राम (दमोह ब्लॉक – 9, हटा ब्लॉक – 77, पटेरा ब्लॉक – 22) पथरिया विधानसभा -180 ग्राम (बटियागढ़ ब्लॉक – 115, पथरिया ब्लॉक- 65 बिजावर विधानसभा (जिला छतरपुर)-17 ग्राम परियोजना पूर्ण होने के उपरांत क्षेत्र के ग्रामीण परिवारों को नियमित, सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिससे वर्षों से बनी जल संकट की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने के साथ-साथ जनस्वास्थ्य को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगी। इस अवसर पर मनीष तिवारी, अमरदीप जैन लालू, नरोत्तम पटेल सहित अधिकारी-कर्मचारी, ग्रामवासी मौजूद रहे।
