
नोहटा नगर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथावाचक उमाशंकर शास्त्री ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। कथा के पांचवें दिन शास्त्री ने भगवान कृष्ण की लीलाओं के माध्यम से प्रेम को परिभाषित किया और सामाजिक बुराइयों को दूर करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया। कथावाचक उमाशंकर शास्त्री ने भगवान कृष्ण की गोवर्धन लीला पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कथा के दौरान बाल-रूप कथा के प्रमुख प्रसंगों में शामिल है। श्रीकृष्ण का जन्म कंस के कारागार में यानी का पहली बार राक्षसी पूतना का वध करना। तणावर्त वध किया
इस दौरान कृष्ण की लीलाओं पर आधारित गीतों पर श्रद्धालु जमकर नाचे।
कथा के दौरान नितेंद्र सिंह लोधी द्वारा उपस्थित श्रोताओं से कहा कि हमें पौधे लगाने चाहिए। उन्होंने कहा कोरोना काल में भरपूर पैसा देने के बाद भी लोग ऑक्सीजन नहीं खरीद पाए, जबकि परमात्मा ने यह हमें निशुल्क दे रखी है। उन्होंने लोगों से कहा कि अपने जन्मदिन और वैवाहिक वर्षगाँठ पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं।
