यह सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है किसानों को अधिकृत विक्रेताओं के माध्यम से ही गुणवत्तापूर्ण कीटनाशक उचित मूल्य पर उपलब्ध हों – कलेक्टर श्री यादव जिले में कीटनाशी विक्रेताओं पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 12 दुकानों के लाइसेंस निरस्त, 21 को नोटिस

किसानों के हितों की सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने जिलेभर में कीटनाशी विक्रय प्रतिष्ठानों का व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर 46 कीटनाशी विक्रय दुकानों का निरीक्षण किया गया, जिसमें कई प्रकार की अनियमितताएं सामने आईं। गंभीर अनियमितता पाए जाने पर 12 दुकानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए, जबकि 21 दुकान संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों में प्रिंसिपल सर्टिफिकेट, आवश्यक सुरक्षा उपकरण, कीटनाशकों के सुरक्षित भंडारण एवं सावधानियों से संबंधित व्यवस्थाएं नहीं मिलीं। इसके अलावा स्टॉक रजिस्टर भी अद्यतन नहीं पाए गए। शासन के निर्धारित नियमों और मानकों का पालन नहीं किए जाने के कारण संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कई बार यह संज्ञान में आता है कि किसान अधिकृत विक्रेताओं के बजाय अनधिकृत व्यक्तियों से कीटनाशक खरीद लेते हैं। इससे गलत मात्रा या अनुचित दवा का उपयोग होने का खतरा बढ़ जाता है, जिसके कारण फसल के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
उन्होंने कहा बुवाई के बाद किसानों को कीट नियंत्रण के लिए कीटनाशकों का उपयोग करना पड़ता है। ऐसे में यह सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है किसानों को अधिकृत विक्रेताओं के माध्यम से ही गुणवत्तापूर्ण कीटनाशक उचित मूल्य पर उपलब्ध हों। इसी उद्देश्य से जिले में लगातार निरीक्षण एवं कार्रवाई की जा रही है।


