शासन् के निर्देशोें का अधिकारी नहीं कर रहे पालन
शासन् के निर्देशोें का अधिकारी नहीं कर रहे पालन
दमोह। म.प्र.शास.लिपिक कर्मचारी संघ भोपाल के प्रान्तीय संरक्षक राकेश सिंह हजारी द्वारा स्पष्ट रूप से आरोप लगाया गया है, कि मध्यप्रदेश सामान्य प्रशासन् विभाग द्वारा समय समय पर जारी किये गये कर्मचारी हितैषी निर्देशों का पालन जिले के अधिकारी नहीं कर रहें, इस संबंध में पत्रों के माध्यम से एवं समाचार पत्रों के माध्यम से भी अवगत कराया गया है कि सभी विभागीय अधिकारी एवं जिला कलेक्टर प्रत्येक तीन माह में अनिवार्य रूप से कर्मचारी परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित कर उनका निराकरण तत्काल करें, किन्तु खेद के साथ अवगत कराना पड़ रहा है, कि जिले के किसी भी अधिकारीयों द्वारा उक्त निर्देशों का पालन सुनिश्चित नहीं करने के आदी हो चुके है, जिले के प्रत्येक विभाग में कार्यरत कर्मचारीयों की समस्यायें इतनी अधिक हो चुकी है, कि उन्हें मजबूरन जनसुनवाई एवं मुख्यमंत्री हेल्प लाइन जैसे का सहारा लेना पड़ रहा है, विभाग के कर्मचारीयों से सम्पूर्ण कार्य लिया जाता है, किन्तु उनकी समस्याओं पर अधिकारी कोई ध्यान नहीं देते है, जिससे कर्मचारी मानसिक रूप से ग्रसित हो रहा है, प्रत्येक विभाग में कर्मचारीयों की संख्या दिन प्रतिदिन घटती जा रही है, नई नियुक्तियॉं नहीं होने के कारण, प्रत्येक कर्मचारी को विभाग की शाखाओं का प्रभार दिया जा रहा है कर्मचारी की क्षमता से अधिक कार्य होने के कारण गलती होना स्वाभाविक है, जिसके कारण जिले का कर्मचारी नोटिस, वेतनवृद्धि, निलंबन आदि जैसे आरोपों से ग्रसित हो रहा है, किन्तु उनकी समस्याओं पर अधिकारी ध्यान नहीं देते है, कर्मचारियों पर कार्यवाही तत्काल की जाती है, कलेक्टर द्वारा आयोजित बैठकों का पालन विभागीय अधिकारी समय सीमा निर्धारित होने के बाद भी उनका निराकरण नहीं किया जाता है, शासन् द्वारा निर्धारित समय प्रातः 10 बजे से शाम 6 बजे है, किन्तु कर्मचारीयों से सायं 6 बजे के पश्चात् भी कार्य लिया जाता है, शासकीय अवकाशों मंे भी कार्यालय खुलवाये जाते है,ऐसी स्थिति में कर्मचारी की मानसिक स्थिति पर भी विपरीत प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है। प्रमुख सचिव, म.प्र.सामान्य प्रशासन् विभाग से आपेक्षा की जाती है कि ऐसे गंभीर स्थिति में कर्मचारियों के साथ किये जा रहे कृत्य पर रोेक लगाई जाना अति-आवश्यक है।


