त्यौहारों/पर्व पर दमोह जिला की राजस्व सीमा में समस्त पशुवध गृह एवं मांस, मछली विक्रय की दुकानों का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा
आदेश का उल्लंघन होने पर उल्लंघनकर्ता के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कार्यवाही की जायेगी
दमोह : खुले में तथा बिना अनुमति पत्र (लायसेंस) अथवा लायसेंस शर्तों का उल्लंघन करते हुए पशु मास तथा मछली को विक्रय पर पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया हैं। इसी क्रम में विशिष्ट अवसरों पर स्थानीय निकायों की सीमाओं में स्थित समस्त पशुवध गृह एवं मांस बिक्री की दुकाने बंद रखे जाने के निर्देश दिये गये हैं।अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी दमोह ने बताया माह मार्च, अप्रैल एवं मई 2026 में आने वाले त्यौहारों/पर्व पर दमोह जिला की राजस्व सीमा में स्थित समस्त पशुवध गृह एवं मांस, मछली विक्रय की दुकानों का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा। इसी क्रम में 19 मार्च 2026 दिन गुरूवार को चैत्र नवरात्रि प्रारंभ, गुड़ी पड़वा, 20 मार्च 2026 दिन शुक्रवार को झूलेलाल जयंत्री (चैती चांद), 27 मार्च 2026 दिन शुक्रवार को राम नवमी, 28 मार्च 2026 दिन शनिवार को जवारे विसर्जन, 31 मार्च 2026 दिन मंगलवार को महावीर जयंती, 02 अप्रैल 2026 दिन गुरूवार को हनुमान जयंती, 14 अप्रैल 2026 दिन मंगलवार को डाँ. अम्बेडकर जयंती, वैषाखी, 20 अप्रैल 2026 दिन सोमवार को अक्षय तृतीया एवं परशुराम जयंती तथा 01 मई 2026 दिन शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा त्यौहार होंगे।उन्होंन कहा उपरोक्त संबंध में आदेश का उल्लंघन दृष्टिगत होता है तो दमोह हेल्पलाईन नम्बर 07812-350300 में शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। उक्त शिकायत तत्काल संबंधित नगरीय क्षेत्र के मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं ग्रामीण क्षेत्र में संबंधित क्षेत्र के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत को प्रेषित की जायेगी। मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं ग्रामीण क्षेत्र में संबंधित क्षेत्र के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत प्राप्त शिकायत पर “पशुवध गृह एवं मांस, मछली विक्रय की दुकान“ को तत्काल बंद कराकर नियामनुसार दण्डात्मक कार्यवाही करेंगे। इस कार्य में आवश्यकता होने पर राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग से सहायता ली जा सकेगी।उन्होंने कहा उपरोक्त आदेश के संबंध में ग्रामीण क्षेत्रों के लिये मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दमोह नोडल अधिकारी होगें। तथा नगरीय क्षेत्रों के लिये परियोजना अधिकारी, जिला शहरी विकास अभिकरण दमोह नोडल अधिकारी होगें। उक्त आदेश का उल्लंघन पाये जाने पर उल्लंघनकर्ता के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कार्यवाही की जायेगी।



