श्री आदिनाथ जयंती पर मुनि आर्यिका संघ के सानिध्य में श्री जी की भव्य शोभायात्रा निकली

दमोह। देवाधिदेव आदि ब्रह्म, युग दृष्टा, असी मसी कृषि के जनक जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर श्री ऋषभ देव भगवान श्री आदिनाथ का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव देश दुनिया के साथ दमोह में भी भक्ति मय उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सभी जैन मंदिरों में विभिन्न आयोजन किए गए वही श्रीजी की भव्य शोभा यात्रा भी निकाली ग्ह्मं भगवान आदिनाथ जयंती महोत्सव चैत्र कृष्ण नवमी के अवसर पर गुरुवार को शहर के सिटी नल से प्रातः बेला में श्री जी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस अवसर पर विमान जी में श्री जी को विराजित करके नगर भ्रमण किया गया। शोभायात्रा में आचार्य श्री विद्यासागर एवं आचार्य श्री समय सागर जी के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री पदम सागर जी एवं क्षुल्लक श्री तात्पर्य सागर जी के साथ आर्यिका वीर नंदनी जी, आर्यिका श्रुत नंदनी जी, क्षुल्लिका शुद्ध नंदनी जी एवं क्षुल्लिका शुभ नंदनी जी माता जी भी शामिल हुई। सिटी नल से पुराना थाना, टॉकीज तिराहा, घंटाघर, नया बाजार, पलंदी मंदिर, धगट चौराहा, चौधरी मंदिर बड़ा मन्दिर होते हुए शोभायात्रा सिटी नल पहुंचकर संपन्न हुई। रास्ते में जगह-जगह रंगोली सजाकर शोभा यात्रा की अगवानी की गई। श्री जी की आरती की गई। मुनि श्री का पाद प्रछालन किया गया। इस अवसर पर जैन पंचायत के अध्यक्ष सुधीर सिंघई, महामंत्री पदम जैन, भाई जी मंदिर के अध्यक्ष पवन जैन चश्मा, पलंदी मंदिर के अध्यक्ष गुड्डू बजाज, ब्रह्मचारी मोनू भैया स्वतंत्र भैया गोलू भैया रोहित भैया पंडित सुरेश शास्त्री के साथ सिंघई एवं नन्हे मंदिर के पदाधिकारी, आसामी एवं श्रावको महिलाओं सहित बड़ी संख्या में सकल जैन समाज के लोगों की मौजूदगी रही। शोभायात्रा संपन्न होने के बाद मुनि श्री पदम सागर जी के सानिध्य में सिंघई मंदिर जी में भगवान आदिनाथ का अभिषेक शांति धारा एवं भक्तांबर विधान संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुनि श्री की दिव्या देशना का लाभ भी सभी को प्राप्त हुआ। इधर नन्हे मंदिर जी में छुलल्क श्री तात्पर्य सागर जी के सानिध्य में भगवान आदिनाथ का अभिषेक शांति धारा बड़े बाबा पूजन एवं भक्तांबर विधान संपन्न हुआ। इसके अलावा नगर के सभी जैन मंदिरों में प्रातः बेला में अभिषेक शांति धारा भक्तांबर विधान सहित अन्य भक्ति मय आयोजन करके भगवान आदिनाथ का जन्म तप कल्याण महोत्सव मनाया गया।


