Welcome to अक्ष भारत   Click to listen highlighted text! Welcome to अक्ष भारत
मध्य प्रदेश
Trending

इक्कीसवीं सदी की शिक्षा, अर्थव्यवस्था, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के संदर्भ में भारतीय ज्ञान परंपरा की पुर्नकल्पना विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार का हुआ आगाज

इक्कीसवीं सदी की शिक्षा, अर्थव्यवस्था, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के संदर्भ में भारतीय ज्ञान परंपरा की पुर्नकल्पना विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार का हुआ आगाज

दमोह : शासकीय कमला नेहरू महिला महाविद्यालय, दमोह में मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रायोजित “इक्कीसवीं सदी की शिक्षा, अर्थव्यवस्था, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के संदर्भ में भारतीय ज्ञान परंपरा की पुर्नकल्पना” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार का शुभारंभ 10 मार्च  को प्रातः 11 बजे हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मां सरस्वती के पूजन-अर्चन के साथ किया गया।

उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष चंद्रभान पटेल उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में क्षेत्रीय प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक हरीश रघुवंशी तथा शाखा प्रबंधक आशीष रावत मुख्य शाखा भारतीय स्टेट बैंक दमोह उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. जे. पी. मिश्रा, सेवानिवृत्त प्राध्यापक, महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जी. पी. चौधरी ने की।

कार्यक्रम के प्रारंभ में मंचासीन अतिथियों द्वारा मां सरस्वती का पूजन-अर्चन किया गया। तत्पश्चात संगीत विभाग की छात्राओं एवं डॉ बाबूलाल सिंह, डॉ. आराधना श्रीवास तथा डॉ. मितेंद्र सिंह सेंगर के मार्गदर्शन में सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। छात्रा ऐश्वर्या पटेल ने सरस्वती वंदना पर मनोहारी नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। इसके उपरांत सभी अतिथियों का पुष्पमाला, बैज, मोमेंटो तथा शॉल-श्रीफल भेंट कर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया।

इस अवसर पर 14 अक्टूबर 2025 को आयोजित वेबिनार की पुस्तक “भारतीय ज्ञान परंपरा, विज्ञान, संस्कृति एवं शिक्षा” का विमोचन किया गया। साथ ही महाविद्यालय की सत्र 2025–26 की वार्षिक पत्रिका “प्रेरणा” का भी लोकार्पण किया गया।

अपने उद्बोधन में विशिष्ट अतिथि हरीश रघुवंशी ने कहा कि सकारात्मक सोच ही मनुष्य के मन-मस्तिष्क को विकसित करती है और यही सोच समाज के समग्र विकास का आधार बनती है। मुख्य अतिथि चंद्रभान पटेल ने कहा कि प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा और वर्तमान चिंतन के समन्वय से ही भविष्य की सुदृढ़ कल्पना संभव है। उन्होंने कहा कि ज्ञान अर्जित करना प्रत्येक मनुष्य का कर्तव्य है और भारतीय ज्ञान परंपरा ज्ञान का अथाह सागर है, जिसका समुचित उपयोग समाज के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. जी. पी. चौधरी ने कहा कि भारतीय ज्ञान के स्रोतों और परंपराओं का गहन अध्ययन कर हम एक उज्ज्वल और सुदृढ़ भविष्य की नींव रख सकते हैं। मुख्य वक्ता डॉ. जे. पी. मिश्रा ने अपने व्याख्यान में इक्कीसवीं सदी के भारत में विकास के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था, कौशल विकास और रोजगार सृजन वर्तमान समय की प्रमुख आवश्यकताएँ हैं।

उन्होंने विकास की परिकल्पना के तीन प्रमुख स्तंभ- मानवीय, वित्तीय तथा प्राकृतिक एवं भौतिक संसाधनों का उल्लेख करते हुए कहा कि मनुष्य को कौशल से परिपूर्ण बनाने के लिए ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि जब व्यक्ति के भीतर कर्तव्यबोध, आत्मबोध और राष्ट्रबोध की भावना जागृत होगी, तब विकसित भारत की संकल्पना शीघ्र ही साकार होगी। उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ. अवधेश कुमार जैन ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. असलम खान द्वारा किया गया।

इसके पश्चात प्रथम तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता डॉ. अरुणा जैन एवं डॉ. शिवानी राय ने की। इस सत्र में डॉ. स्मिता यादव, अखिलेश कुमार, श्रीमती प्रियंका सेन, श्रीमती भारती चौरसिया एवं रवीना सूर्यवंशी द्वारा अपने-अपने शोध पत्रों का वाचन किया गया। सत्र का संचालन डॉ. आराधना श्रीवास ने किया तथा आभार डॉ. असलम खान द्वारा व्यक्त किया गया।

द्वितीय तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ. पी. के. ढाका एवं डॉ. डी. के. नेमा ने की। इस सत्र में भारतीय स्टेट बैंक, दमोह की सोम्या श्रीवास ने डिजिटल बैंकिंग जागरूकता एवं बैंक की विभिन्न योजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इसके उपरांत विभिन्न शोधकर्ताओं द्वारा अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए गए। डॉ. रेणुबाला शर्मा, सेवानिवृत्त प्राध्यापक, शासकीय कन्या महाविद्यालय सागर ने वर्तमान जीवन शैली से संबंधित विषय पर अपना शोधपत्र प्रस्तुत किया। इस प्रकार सेमीनार के प्रथम दिवस के विभिन्न सत्रों में भारतीय ज्ञान परंपरा के विविध आयामों पर गंभीर और सारगर्भित चर्चा हुई।

अक्ष भारत

अक्षय भारत के सम्माननीय पाठकों को प्रियदर्शन जैन की तरफ से सदर नमन यह न्यूज़ प्लेटफार्म सामाजिक,राजनीति, खेल, धार्मिक, व्यापार,चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, राजनीति से जुड़ी खबरों को आम जन तक निष्पक्ष एवं पारदर्शिता के साथ पहुंचने में पिछले कई वर्षों से लगातार बिना रुके अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं खबरों एवं विज्ञापनों हेतु संपर्क करने के लिए आप हमारी ईमेल आईडी एवं व्हाट्सएप नंबर पर भी संपर्क कर सकते हैं एडिटर - प्रियदर्शन जैन Email.apsaragroup24x7.in WhatsApp.9826674474,9425474474

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!