दमोह में अनुपयोगी शासकीय भूमि का होगा समुचित विकास-राज्यमंत्री श्री पटेल आगामी समय में विस्तृत योजना तैयार की जाएगी-विधायक दमोह श्री मलैया शहर के ‘हाट एरिया’ में पार्किंग व कॉम्प्लेक्स की योजना शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, पार्किंग, छात्रावास व शैक्षणिक संस्थानों की बनेगी योजना शहर के विभिन्न स्थानों का राज्यमंत्री और विधायक ने किया निरीक्षण

शहर की अनुपयोगी भूमि एवं स्थलों का सुव्यवस्थित एवं जनहितकारी उपयोग सुनिश्चित करने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। निरीक्षण का उद्देश्य शहर की प्रमुख एवं प्राइम लोकेशनों का सुव्यवस्थित विकास कर नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस आशय की बात आज प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने शहर भ्रमण के दौरान अनुपयोगी पड़ी जमीनों का जायजा लेते हुए कही। इस अवसर पर पूर्व वित्तमंत्री एवं दमोह विधायक जयंत मलैया एवं कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर विशेष रूप से मौजूद रहे।
राज्यमंत्री लखन पटेल ने कहा शहर के विभिन्न ऐसे शासकीय अनुपयोगी स्थलों का निरीक्षण किया गया, जिनका वर्तमान में समुचित उपयोग नहीं हो रहा हैं। इन स्थानों पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, पार्किंग व्यवस्था, छात्रावास, लाइब्रेरी एवं अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के विकास की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा विधायक श्री मलैया, कलेक्टर श्री कोचर एवं संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर विस्तृत योजना तैयार की जाएगी तथा आवश्यक अनुमतियां प्राप्त कर विकास कार्य प्रारंभ किए जाएंगे।
उन्होंने कहा वर्तमान में शहर के मध्य स्थित पशु चिकित्सालय लगभग एक एकड़ भूमि पर संचालित है। यह क्षेत्र शहर का अत्यंत महत्वपूर्ण एवं व्यस्त इलाका है, जहां पार्किंग की गंभीर समस्या है, प्रस्ताव है कि इस भूमि पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, व्यवस्थित पार्किंग एवं अन्य उपयोगी संरचनाएं विकसित की जाएं। इसके लिए हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों से भी चर्चा की जा रही है, ताकि सुनियोजित तरीके से विकास कार्य किया जा सके।
पूर्व वित्त मंत्री एवं विधायक जयंत मलैया ने कहा जिन सरकारी स्थलों की भूमि अव्यवस्थित एवं अनुपयोगी है, उनका बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। इस दृष्टी से आगामी समय में राज्यमंत्री श्री पटेल, कलेक्टर श्री कोचर एवं संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर विस्तृत योजना तैयार की जाएगी।
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा कुछ जर्जर भवन वर्तमान में उपयोग में नहीं हैं, जबकि विद्यार्थियों की पढ़ाई सुरक्षित भवनों में संचालित हो रही है। ऐसे खाली पड़े जर्जर भवनों के स्थान पर नई उपयोगी संरचनाओं के निर्माण की योजना बनाई जाएगी। निरीक्षण में यह भी स्पष्ट किया गया कि संबंधित भूमि स्कूल शिक्षा विभाग को शैक्षणिक संस्थान विकसित करने के उद्देश्य से लगभग छह एकड़ प्रदान की गई थी। प्रशासन अब इस दिशा में ठोस एवं दीर्घकालिक योजना तैयार करेगा, ताकि भूमि का उद्देश्यपूर्ण उपयोग सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा निरीक्षण के पश्चात जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक आयोजित की जाएगी। एक समग्र एवं सुनियोजित रणनीति बनाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिससे शहर की प्रमुख लोकेशनों का सुव्यवस्थित विकास हो और भविष्य में अतिक्रमण की स्थिति उत्पन्न न हो।
प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री लखन पटेल, पूर्व वित्तमंत्री एवं दमोह विधायक जयंत मलैया एवं कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने शहर की अनुपयोगी शासकीय भूमि का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान पशु चिकित्सालय कचोरा मार्केट, नगर पालिका विद्युत कार्यालय परिसर, मांगज स्कूल, बस स्टैंड लोडेड वाहन पार्किंग, महिला वसतीगृह, उत्कृष्ट विद्यालय छात्रावास किल्लाई नाका, दीवान जी की तलैया एवं मानस भवन सहित आसपास के क्षेत्रों का जायजा लिया गया। निरीक्षण के समय कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर विशेष रूप से मौजूद रहे।


