‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को अपनाना समय की आवश्यकता-विधायक श्री मलैया हमें इनके हाथों को और सशक्त बनाना है, ताकि ‘नारी सशक्तिकरण’ का सपना साकार हो सके-जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमति पटेल यह मेला महिलाओं को स्थानीय दायरे से निकालकर जिले, प्रदेश और देश स्तर तक पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम – जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमति कटारे लोकल को वोकल’ बनाने की दिशा में सार्थक कदम- कलेक्टर श्री कोचर होली के अवसर पर समूहों ने महिला बस्ती गृह के पास मॉडल आंगनवाड़ी के समीप प्राइम लोकेशन पर लगाया आजीविका उत्पाद मेला
‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को अपनाना समय की आवश्यकता-विधायक श्री मलैया हमें इनके हाथों को और सशक्त बनाना है, ताकि ‘नारी सशक्तिकरण’ का सपना साकार हो सके-जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमति पटेल यह मेला महिलाओं को स्थानीय दायरे से निकालकर जिले, प्रदेश और देश स्तर तक पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम – जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमति कटारे लोकल को वोकल’ बनाने की दिशा में सार्थक कदम- कलेक्टर श्री कोचर होली के अवसर पर समूहों ने महिला बस्ती गृह के पास मॉडल आंगनवाड़ी के समीप प्राइम लोकेशन पर लगाया आजीविका उत्पाद मेला

दमोह :
होली पर्व के मद्देनज़र महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा आयोजित आजीविका मेले को जनप्रतिनिधियों और प्रशासन का भरपूर समर्थन मिल रहा है। मेले में स्थानीय स्तर पर निर्मित हर्बल गुलाल, नमकीन, गुजिया, खोया, घी सहित विभिन्न उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। ज्ञात हो कि इस बार होली के अवसर पर महिला बस्ती गृह के पास मॉडल आंगनवाड़ी के समीप प्राइम लोकेशन पर मेला लगाया गया है।
मेले के शुभारंभ अवसर दमोह विधायक एवं पूर्व मंत्री जयंत मलैया ने मेले का अवलोकन करते हुए इसे सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को अपनाना समय की आवश्यकता है। हमारा स्थानीय सामान अगर हम नहीं खरीदेंगे, तो कौन खरीदेगा, यह हमारे देश के प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री की सोच है कि जो यहाँ बने, उसे खरीदें। उन्होंने मेले में उपलब्ध खाद्य सामग्री का स्वाद लेकर उसकी गुणवत्ता की सराहना करते हुए कहा कि उत्पाद अंतरराष्ट्रीय स्तर के निर्माताओं से कम नहीं हैं।
इसी क्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल ने बताया कि मेले में उपलब्ध गुलाल पूरी तरह हर्बल तरीके से तैयार किया गया है। नमकीन, गुजिया, खोया और घी जैसे उत्पाद भी स्वच्छता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए बनाए गए हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में मेले में पहुँचकर ऑर्गेनिक और हाइजीनिक उत्पादों की खरीदारी करें। जब तक हम इन उत्पादों को अपने जीवन में शामिल नहीं करेंगे, तब तक इन महिलाओं को स्थायी रोजगार नहीं मिलेगा। हमें इनके हाथों को और सशक्त बनाना है, ताकि ‘नारी सशक्तिकरण’ का सपना साकार हो सके।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष मंजू धर्मेन्द्र कटारे ने कहा कि आजीविका मिशन के माध्यम से आयोजित यह मेला महिलाओं को स्थानीय दायरे से निकालकर जिले, प्रदेश और देश स्तर तक पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सुझाव दिया कि स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाए, जिससे उनकी मांग और उत्पादन दोनों में वृद्धि हो और अधिक से अधिक लोग उनसे जुड़ सकें।
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया कि दीपावली पर तहसील ग्राउंड में आजीविका मेला आयोजित किया गया था, जबकि इस बार होली के अवसर पर महिला बस्ती गृह के पास मॉडल आंगनवाड़ी के समीप प्राइम लोकेशन पर मेला लगाया गया है। उन्होंने कहा कि यहाँ होली से संबंधित सभी सामग्री रंग, मिठाइयाँ और गुझिया उचित दामों पर एवं शुद्ध गुणवत्ता के साथ उपलब्ध हैं।
कलेक्टर श्री कोचर ने जिलेवासियों से अपील की कि वे होली की खरीदारी के लिए मेले में अवश्य आएँ। यदि नागरिकों की मांग अच्छी रही तो मेले को ‘रंगपंचमी’ तक बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे स्व-सहायता समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और ‘लोकल को वोकल’ बनाने की दिशा में सार्थक कदम साबित होगा।
कार्यक्रम में जिला परियोजना प्रबंधक शैलेंद्र श्रीवास्तव, डीएम अरविंद चंदेल, डीएम सतीश शर्मा, ब्लॉक प्रबंधक राजेंद्र उपाध्याय, सिद्धार्थ तांबे, विनीत कुमार कार्यक्रम का मंच संचालन ब्लॉक प्रबंधक जबेरा धर्मेंद्र मिश्रा के द्वारा किया गया और आभार प्रदर्शन एडीएम दिग्विजय सिंह पटेल के द्वारा किया गया l मेले में हर्बल गुलाल, ठंडाई, गुजिया, नमकीन, खोवा, घी ,बताशे, मल्टी ग्रेन आटा, महुआ कुकीज ,बांस बर्तन, सत्तू, फलाहार नमकीन आदि मुख्य आकर्षण है।


