श्री अरहंत चक्र महामंडल विधान का समोशरण में श्रीजी की स्थापना से शुभारंभ, मुनि संघ के सानिध्य में निकली भव्य घट यात्रा

दमोह। नगर की उमा मिस्त्री की तलैया में सकल जैन समाज के द्वारा अष्टानिका महापर्व पर श्री 1008 चौबीस समोशरण अर्हतचक्र महामंडल विधान का भव्य आयोजन संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर महामुनि राज एवं आचार्य गुरुवर श्री समय सागर जी के आशीर्वाद से किया जा रहा है। आठ दिनों तक चलने वाले इस मंगलमय आयोजन का शुभारंभ मंगलवार को आचार्य श्री के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री प्रबुद्ध सागर जी एवं पदम सागर जी तथा छुल्लक श्री तात्पर्य सागर जी के सानिध्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रातः बेला में सिटी नल से घट यात्रा का शुभारंभ हुआ। जिसमें नगर के सभी जिनालयों से आए श्री जिन विम्ब को विमान जी में विराजमान किया गया। पुराना थाना टॉकीज घंटाघर पलंदी चौराहा राय चौराहा से पुनः घंटाघर नया बाजार होते हुए घट यात्रा कार्यक्रम स्थल उमा मिस्त्री की तलैया पहुंची। रास्ते में जगह-जगह रंगोली सजाकर आरती करके अगवानी की गई तथा मुनि श्री का पाद प्रच्छालन करके भक्तों ने आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर पचरंगा ध्वज ढोलबाजों के साथ भक्ति मय उल्लास के साथ बालिका महिला मंडल शिरपुर घट लेकर शामिल हुआ। धवल केसरिया बस्त्रो में युवा पुरुष वरिष्ठ वर्ग ने अपनी सहभागिता दर्ज की। महामंडल विधान स्थल पहुंचने पर मुनि संघ के सानिध्य में दीपक भैया, अभिषेक भैया एवं प्रतिष्ठा कर सुरेश शास्त्री के द्वारा मन्त्रोंच्चारण के बीच ध्वजारोहण तथा मंडप प्रवेश की विधि संपन्न कराई गई। ध्वजारोहण करने का प्रथम सौभाग्य मीनू जैन संगम परिवार को प्राप्त हुआ। तत्पश्चात महिलाओं द्वारा घट में लाए गए प्राशुक जल से मंडप शुद्धि की गई। विधान के महापात्राओं के साथ श्रावक श्रेष्ठी जनों ने अभिषेक शांति धारा संपन्न की। मुनि श्री को शास्त्र भेंट किए गए तत्पश्चात मुनि श्री की मंगलमय देशना का लाभ सभी को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर विधि मन्त्रो के साथ मुख्य समोशरण के साथ 24 समोशरण में श्री जिन बिंबो की स्थापना श्रावक श्रेस्ठी जनों के द्वारा की गई। सकलीकरण उपरांत विधान पूजन से प्रथम दिन का अनुष्ठान संपन्न हुआ। बुधवार को द्वितीय दिवस प्रातः 6ः30 बजे से अभिषेक क्रिया प्रारंभ हो जाएंगी। तत्पश्चात श्री जी के अभिषेक पूजन उपरांत श्री अरहंत चक्र महामंडल विधान प्रारंभ होगा। जिसमें मुख्य पात्रों को अलग-अलग मंडल के साथ बैठकर पूजन अर्चन करने का सौभाग्य प्राप्त होगा। इंद्र इंद्राणियों को पंडाल के बीच में पूजन करने का अवसर लाभ प्राप्त होगा। प्रातः 8ः30 बजे से मुनि श्री की दिव्या देशना का लाभ सभी को मिलेगा। विधान आयोजन समिति के संयोजक महेश दिगंबर ने सकल जैन समाज से समय पर सभी आयोजनों में शामिल होकर पुण्यार्जन की अपील की है।


